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बच्चों की सेहत जांचने के लिए नया ग्रोथ चार्ट, पांच पैमानों से लगेगा भविष्य की बीमारियों का पता

28/8/2026, 1:27:04 am
बच्चों की सेहत जांचने के लिए नया ग्रोथ चार्ट, पांच पैमानों से लगेगा भविष्य की बीमारियों का पता
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आईसीएमआर और एम्स नई दिल्ली ने मिलकर एक ऐसा ग्रोथ चार्ट तैयार करना शुरू किया है जो बच्चे की सेहत को पांच अलग‑अलग पैमानों पर मापेगा। ये पैमाने हैं – वजन, लंबाई, सिर का घेरा, बाजू की मोटाई और विकास के माइलस्टोन। अभी तक डॉक्टर केवल वजन और लंबाई देखते थे, लेकिन नए चार्ट से ज्यादा सटीक तस्वीर मिलेगी। इस चार्ट का मकसद सिर्फ आज की सेहत जानना नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन पांचों आंकड़ों को मिलाकर भविष्य में डायबिटीज, दिल की बीमारी और मोटापे जैसी समस्याओं का जोखिम भी पहले ही पता लगाया जा सकेगा। इससे अभिभावक और डॉक्टर समय पर कदम उठा पाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह चार्ट कुछ राज्यों के आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसी साल से आजमाया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एक मोबाइल ऐप के जरिए डेटा भरना सिखाया जाएगा, जिससे रियल‑टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि "पहले हम केवल ग्रोथ कर्व देखते थे, अब हमारे पास एक समग्र इंडेक्स होगा जो बच्चे के पूरे विकास को दर्शाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस डेटा का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में भी किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य 2027 तक पूरे देश में इस चार्ट को अनिवार्य बनाना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे बाल मृत्यु दर में कमी आएगी और लंबे समय में स्वास्थ्य खर्च भी घटेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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