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झगड़े न होना ही रिश्ते की गारंटी नहीं, भावनात्मक जुड़ाव जरूरी

2/9/2026, 10:23:38 pm
झगड़े न होना ही रिश्ते की गारंटी नहीं, भावनात्मक जुड़ाव जरूरी
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अलेक्स क्रॉक्सफोर्ड ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि उनके विवाह में कभी झगड़े नहीं हुए, फिर भी वे बेवफाई के शिकार हुए। उन्होंने बताया कि घर में शांति थी, लेकिन अंदर से वे अकेलापन महसूस करते थे। यह अहसास उन्हें दूसरे व्यक्ति की ओर खींच ले गया। मनोवैज्ञानिक डॉ. मीना शर्मा कहती हैं कि केवल झगड़े न होना काफी नहीं है। जब पति‑पत्नी एक‑दूसरे की भावनाओं को समझते नहीं, तो अकेलापन बढ़ता है। यही अकेलापन अक्सर विश्वासघात का कारण बनता है। शोध बताते हैं कि जिन जोड़ों में रोज़ाना छोटी‑छोटी बातों पर भी खुलकर बात होती है, उनका रिश्ता अधिक टिकाऊ होता है। भावनात्मक जुड़ाव के लिए समय निकालना, एक‑दूसरे की सुनना और सहानुभूति दिखाना जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम एक बार बिना फ़ोन या टीवी के साथ बैठकर दिल की बात कहें। छोटी‑छोटी प्रशंसा, स्पर्श और साथ में हँसना भी रिश्ते को मजबूत बनाता है। अलेक्स का कबूलनामा यह याद दिलाता है कि शादी केवल कागज़ पर नहीं, दिल में भी होनी चाहिए। झगड़े न होने का मतलब यह नहीं कि सब ठीक है; असली परीक्षा भावनात्मक निकटता में है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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