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बाढ़ में डूबा इकलौता बेटा, गाँव में मातम की आंधी

8/9/2026, 3:55:04 pm
बाढ़ में डूबा इकलौता बेटा, गाँव में मातम की आंधी
बिहार के Bettiah जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हुई है, जिससे नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया। कई गाँवों में पानी घरों तक घुस आया और खेतों में फसलें डूब गईं। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कैंप लगाए और एसडीआरएफ की टीमों को बचाव कार्य के लिए भेजा। Bettiah से लगभग पाँच किलोमीटर दूर स्थित छोटे से गाँव माधोपुर में एक ही बेटा 22 वर्षीय ramesh कुमार अपने खेत की हालत देखने गया था। अचानक नदी का पानी बढ़कर खेतों में बहने लगा और वह तेज बहाव में फँस गया। ग्रामीणों ने तुरंत मानव श्रृंखला बनाकर उसे बचाने की कोशिश की लेकिन पानी की forza इतनी तेज थी कि वह कुछ ही मिनटों में लापता हो गया। माँ का रोना-बिलखना और पिता का चुप्पी में दुख देख कर पूरे गाँव में मातम का माहौल छा गया। पड़ोसियों ने एकत्र होकर परिवार को सांत्वना दी और अंतिम संस्कार की तैयारियाँ शुरू कीं। बचाव दल ने छह घंटे की खोज के बाद ramesh का शव नदी के किनारे से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाढ़ का असर सिर्फ इंसानी जीवन तक सीमित नहीं रहा; सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। कई मकानो की walls और roofs क्षतिग्रस्त हो गए और लोगों को अस्थाई आश्रय शिविरों में ले जाया गया। जिला अधिकारी ने कहा कि राहत सामग्री जल्द ही वितरित की जाएगी और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। स्थानीय एनजीओ और स्वयंसेवक भी खाद्य पैकेट, पीने का पानी और दवाइयाँ पहुँचा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि नदियों के किनारे मजबूत बांध नहीं बनाए गये तो आने वाले वर्षों में ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराई जा सकती हैं। ग्रामीण महिलाओं ने मिलकर खाना बनाकर राहत शिविर में भोजन वितरित किया और बच्चों के लिए अस्थायी स्कूल की कक्षाएँ लगाईं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों और हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री गिराने की योजना बनाई है, ताकि दूरदराज के टोलों तक भी मदद पहुँच सके। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी के किनारे बांधों की मरम्मत और नए जल निकासी चैनलों के निर्माण से आगे ऐसी आपदाओं का जोखिम कम किया जा सकता है। स्थानीय नेता ने अपील की है कि हर नागरिक अपने आस-पास के जल स्तर पर नज़र रखे और कोई भी असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित दे। अब गाँव में शोक की सभा लग रही है, जहाँ लोग ramesh की याद में मोमबत्ती जलाकर उसके सपनों को सलाम कर रहे हैं। पूरा incident एक कड़वा सबक देता है कि प्रकृति के आगे मानव की तैयारी हमेशा पर्याप्त नहीं होती, इसलिए सतर्कता और तैयारियाँ ही सुरक्षा की कुंजी हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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