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भारत

ऑपरेशन सिंदूर: ब्रह्मोस की मार के बाद पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, राजीव घई ने सुनाया पूरा घटनाक्रम

16/8/2026, 6:03:31 am
ऑपरेशन सिंदूर: ब्रह्मोस की मार के बाद पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, राजीव घई ने सुनाया पूरा घटनाक्रम
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सटीक और तेज हमला किया, जिससे दुश्मन की रक्षा पंक्ति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। इस हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के सामने युद्धविराम की अपील रखी और अपनी सेना को पीछे हटाने का आदेश जारी किया। रक्षा विश्लेषक राजीव घई ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा दिया और कहा कि ब्रह्मोस की गति ने पाकिस्तानी रडार को चौंका दिया। उन्होंने बताया कि पहले चरण में वायुसेना ने सीमा पर स्थित प्रमुख रडार स्टेशन, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और मिसाइल भंडार को निशाना बनाया, जिससे पाकिस्तान की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली निष्क्रिय हो गई। दूसरे चरण में नौसेना ने अरब सागर में तैनात पाकिस्तानी नौसैनिक अड्डों और तटीय रक्षा बंकरों पर ब्रह्मोस दागे, जिससे समुद्री मार्ग से किसी भी जवाबी कार्रवाई की संभावना खत्म हो गई। पाकिस्तान ने अपनी वायु सेना को सक्रिय किया, लेकिन ब्रह्मोस की 300 किलोमीटर से अधिक रेंज और अत्यधिक गति ने उसे प्रभावी प्रतिरोध नहीं करने दिया, और उसके लड़ाकू विमान वापस लौट गए। रात भर चली उच्चस्तरीय बातचीत के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से युद्धविराम की घोषणा की और सीमा पर तनाव कम करने के लिए संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई। राजीव घई ने जोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन भारत की रणनीतिक तैयारी, खुफिया नेटवर्क और स्वदेशी मिसाइल तकनीक की श्रेष्ठता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। केंद्र सरकार ने इस सफलता को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम बताया और सेना के सभी अंगों को भविष्य में भी इसी तरह की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखने का निर्देश दिया। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस का प्रभावी उपयोग भविष्य में सीमा विवादों और किसी भी आकस्मिक संघर्ष में निर्णायक साबित होगा, जिससे भारत की प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होगी। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट संसद के सामने पेश करने की योजना बनाई है, ताकि जनता को सेना की क्षमता का पूरा पता चले। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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