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संसद सत्र की देरी ने तोड़ा 2015 का रिकॉर्ड, कांग्रेस ने पूछा – सरकार क्या पका रही है?

11/9/2026, 6:39:37 am
संसद सत्र की देरी ने तोड़ा 2015 का रिकॉर्ड, कांग्रेस ने पूछा – सरकार क्या पका रही है?
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संसद के मौजूदा सत्र का औपचारिक समापन तय समय से कई दिन बाद होने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार 2015 के रिकॉर्ड को तोड़कर जानबूझकर देरी कर रही है ताकि दो‑तिहाई बहुमत हासिल करने की रणनीति तैयार कर सके। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “सरकार संसद को अपनी मर्जी से चलाना चाहती है, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।” इस देरी से संसदीय कार्यवाही की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सत्र की शुरुआत 15 जुलाई को हुई थी और संविधान के अनुसार इसे 30 अगस्त तक समाप्त होना चाहिए था। लेकिन सरकार ने अधिसूचना जारी कर सत्र को 12 सितंबर तक बढ़ा दिया। इस देरी के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयक — जैसे वित्त विधेयक, शिक्षा सुधार विधेयक और कृषि संशोधन विधेयक — लंबित रह गए और विपक्ष को चर्चा का मौका नहीं मिला। संसदीय समितियों की रिपोर्ट भी समय पर पेश नहीं हो सकीं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या सरकार किसी विशेष विधेयक को जल्दी पारित कराने के लिए सत्र को खींच रही है। पार्टी ने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार दो‑तिहाई बहुमत के लिए संविधान संशोधन की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार संसद को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष के अन्य दलों ने भी इस देरी पर चिंता जताई। तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, “संसद का समय बर्बाद करना जनता के साथ धोखा है।” वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कहा कि सरकार संसदीय प्रक्रिया का मजाक बना रही है। समाजवादी पार्टी ने भी संसद की गरिमा बनाए रखने की मांग की। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने देरी को “प्रशासनिक आवश्यकता” बताया। उन्होंने कहा कि कुछ विधेयकों पर विस्तृत चर्चा के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। लेकिन विपक्ष इसे बहाना मान रहा है और संसद की स्वायत्तता पर हमला बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्र की देरी से सरकार की छवि पर असर पड़ सकता है। यदि सरकार दो‑तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए संविधान संशोधन लाती है तो विपक्ष का विरोध और तेज होगा। फिलहाल संसद का अगला सत्र कब शुरू होगा, इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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