लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
champaran

पश्चिम चंपारण में 17 दिन में बाघ के हमले से तीन मौतें, ग्रामीणों में दहशत

15/8/2026, 11:53:00 am
पश्चिम चंपारण में 17 दिन में बाघ के हमले से तीन मौतें, ग्रामीणों में दहशत
पश्चिम चंपारण के ग्रामीण इलाकों में पिछले 17 दिनों में बाघ के हमले से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है, लेकिन ग्रामीणों में डर बना हुआ है। पहली घटना 12 मई को हुई जब एक किसान अपने खेत में काम कर रहा था। बाघ ने अचानक हमला किया और किसान की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना 20 मई को हुई, जब एक चरवाहा अपने मवेशियों को चरा रहा था। बाघ ने उसे घेर लिया और उसकी जान चली गई। तीसरी घटना 28 मई को हुई, जब एक युवा खेत की मेड़ पर चल रहा था। बाघ ने झपट्टा मारा और युवक की मौत हो गई। इन हमलों के बाद गांव वालों ने रात को घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। खेतों में काम करने वाले मजदूर और पशु पालक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। स्थानीय पंचायत ने वन विभाग से तत्काल बाघ को पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सुरक्षा चौकियां बनाने की भी अपील की। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि बाघ की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कैमरा ट्रैप और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में चलने की सलाह दी गई है। विभाग ने जंगल के किनारे बाड़ लगाने का प्रस्ताव भी रखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ के आवास में मानवीय दखल बढ़ने से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगल की सीमा स्पष्ट करने और वन्यजीव गलियारे बनाने से लंबे समय में समस्या कम हो सकती है। तब तक ग्रामीणों को सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

संबंधित