लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
champaran

पश्चिम चंपारण: गन्ने का रकबा घटा, चीनी मिलों की बढ़ी चिंता, किसानों ने रखी मांग

8/9/2026, 11:31:00 am
पश्चिम चंपारण: गन्ने का रकबा घटा, चीनी मिलों की बढ़ी चिंता, किसानों ने रखी मांग
पश्चिम चंपारण में गन्ने की खेती का रकबा पिछले कुछ सालों से लगातार घट रहा है। इससे इलाके की चीनी मिलों के सामने गन्ने की कमी का संकट खड़ा हो गया है। मिल प्रबंधन का कहना है कि पेराई सत्र में पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से उत्पादन पर असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि गन्ने का उचित भाव नहीं मिलने और भुगतान में देरी की वजह से वे दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। गेहूं, मक्का और सब्जियों की खेती में उन्हें नकद भुगतान और कम जोखिम नजर आता है। एक किसान ने बताया, "अगर समय पर पूरा पैसा मिले तो गन्ना छोड़ने का कोई कारण नहीं है।" जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन साल में गन्ने का रकबा करीब 15 फीसदी कम हुआ है। अधिकारी मानते हैं कि सिंचाई सुविधा की कमी, खाद-बीज की बढ़ती लागत और बाजार भाव में अनिश्चितता मुख्य वजहें हैं। चीनी मिलों ने प्रशासन से मांग की है कि गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और किसानों को प्रोत्साहन दिया जाए। वहीं किसान संगठन एफआरपी (उचित एवं लाभकारी मूल्य) बढ़ाने और 14 दिन में भुगतान की गारंटी चाहते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मिलों और किसानों की बैठक बुलाकर समस्या का हल निकाला जाएगा। उन्होंने सिंचाई योजनाओं में तेजी लाने और कृषि ऋण आसान बनाने का आश्वासन भी दिया।
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

संबंधित