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फूलों का तारों का: रक्षाबंधन का सबसे हिट गाना, लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी असली कहानी?

28/8/2026, 7:08:08 am
फूलों का तारों का: रक्षाबंधन का सबसे हिट गाना, लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी असली कहानी?
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भारतीय संस्कृति में त्योहारों का महत्व बहुत अधिक है और बॉलीवुड ने हमेशा इन त्योहारों को अपने गानों के जरिए और भी खास बनाया है। जब बात रक्षाबंधन की आती है, तो एक गाना ऐसा है जो हर किसी की जुबान पर होता है— "फूलों का तारों का सबका कहना है, एक हज़ारों में मेरी बहना है"। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गाना खास तौर पर रक्षाबंधन के लिए नहीं लिखा गया था? यह गीत 1971 में आई फिल्म "हरे रामा हरे कृष्णा" का है। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण देव आनंद ने किया था। संगीत की कमान आरडी बर्मन के हाथों में थी और बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। फिल्म की कहानी काफी गंभीर थी, जिसमें भाई-बहन के बिछड़ने और मिलने का दर्द दिखाया गया था। यह गाना मूल रूप से उस विरह और तलाश की भावना को व्यक्त करने के लिए बनाया गया था, न कि केवल एक त्योहार को मनाने के लिए। इस गाने की एक और खास बात यह है कि इसे दो अलग-अलग वर्जन में रिकॉर्ड किया गया था। पहला वर्जन किशोर कुमार ने गाया, जो एक भाई के प्यार और उसकी तड़प को दर्शाता है। वहीं, दूसरा वर्जन लता मंगेशकर की आवाज में है, जो बहन के नजरिए से उस रिश्ते की गहराई को बयां करता है। फिल्म में इन दोनों संस्करणों का इस्तेमाल अलग-अलग स्थितियों के हिसाब से किया गया था। समय के साथ, इस गाने के बोल इतने लोकप्रिय हुए कि लोग इसे फिल्म के संदर्भ से अलग करके देखने लगे। "एक हज़ारों में मेरी बहना है" वाली लाइन भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक बन गई। धीरे-धीरे रेडियो और टेलीविजन के दौर में इसे रक्षाबंधन के खास मौके पर बजाना शुरू किया गया और देखते ही देखते यह इस त्योहार का अनौपचारिक एंथम (Anthem) बन गया। आज पांच दशक बीत जाने के बाद भी, जब भी राखी का त्योहार आता है, यह गाना हर घर में गूंजता है। आरडी बर्मन की सरल धुन और किशोर-लता की जादुई आवाज ने इसे अमर बना दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर भावनाएं सच्ची हों, तो संगीत सीमाओं और उद्देश्यों को पार कर लोगों के दिलों में जगह बना लेता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — बॉलीवुड
समाचार स्रोत: अमर उजाला — बॉलीवुड

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