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पीएम मोदी ने SRCC में बोली जेन-ज़ी की भाषा, जानकार बोले- युवाओं तक पहुंचने की नई चाल

6/9/2026, 5:20:31 am
पीएम मोदी ने SRCC में बोली जेन-ज़ी की भाषा, जानकार बोले- युवाओं तक पहुंचने की नई चाल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के मशहूर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के छात्रों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने जेनरेशन ज़ी यानी आज के युवाओं की बोलचाल वाली भाषा का खूब इस्तेमाल किया। "लिट", "वाइब", "स्टैन", "GOAT" जैसे शब्द बोलकर उन्होंने हॉल में बैठे छात्रों से तालियां बटोरीं। मोदी ने कहा, "आपकी जेनरेशन की वाइब अलग है, आप लिट हो।" उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2024 के आम चुनाव से पहले युवा मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश मान रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई कहते हैं, "मोदी जानते हैं कि 18-25 आयु वर्ग का वोटर कितना अहम है। उनकी भाषा बोलकर वे 'अपनेपन' का एहसास दे रहे हैं।" वहीं, समाजशास्त्री प्रोफेसर संजय कुमार इसे "सांकेतिक राजनीति" बताते हैं। वे कहते हैं, "भाषा बदलने से नीति नहीं बदलती। युवाओं को रोजगार, शिक्षा और महंगाई पर ठोस जवाब चाहिए।" छात्रों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ ने इसे "कूल" और "रिलेटेबल" बताया, तो कई ने मीम बनाकर मजाक उड़ाया। ट्विटर पर #ModiAtSRCC ट्रेंड करता रहा। एक यूजर ने लिखा, "पीएम ने 'स्ले' बोला, पर जॉब्स पर चुप रहे।" कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसा, "स्लैंग से स्टार्टअप नहीं चलते।" यह पहली बार नहीं जब किसी नेता ने युवाओं की भाषा अपनाई हो। राहुल गांधी पहले "चौकीदार चोर है" जैसे नारों से युवाओं को जोड़ चुके हैं। अरविंद केजरीवाल भी "आम आदमी" की बोली बोलते रहे हैं। मगर जानकार मानते हैं कि भाषा केवल पुल है, मंजिल नहीं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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