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भारत

पंजाब में बिजली संकट: केंद्र-राज्य में कोयला आपूर्ति को लेकर टकराव

13/9/2026, 3:12:35 am
पंजाब में बिजली संकट: केंद्र-राज्य में कोयला आपूर्ति को लेकर टकराव
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पंजाब में इन दिनों बिजली की किल्लत बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार ने कहा है कि कोयला आपूर्ति में देरी के कारण ताप विद्युत संयंत्रों में उत्पादन कम हो गया है, जिससे घरों, खेतों और कारखानों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऊर्जा मंत्री ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कोयला मंत्रालय से समय पर कोयला रैक नहीं भेज रही है, जिससे राज्य को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने स्तर पर कोयला भंडार बढ़ाने की कोशिश की लेकिन सीमित भंडारगाह और रेलवे की लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही है। केंद्र की ओर से कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पंजाब को आवंटित कोयले की मात्रा उसकी मांग के अनुसार है और किसी भी कमी का कारण राज्य की आंतरिक लॉजिस्टिक व्यवस्था है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे द्वारा कोयले की ढुलाई में देरी हो रही है, लेकिन यह देरी राज्य स्तर पर प्लेटफॉर्म और अनलोडिंग सुविधाओं की कमी से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के कुछ प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों जैसे गुरु गोिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट और राजपुरा थर्मल प्लांट में कोयला स्टॉक कम होने की रिपोर्ट आई है, जिसे जल्द ही ठीक करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से तुरंत अतिरिक्त कोयला रैक भेजने और रेलवे के साथ समन्वय बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने वैकल्पिक ईंधन जैसे तरल ईंधन और बायोमास का उपयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है ताकि तत्काल राहत मिल सके। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि समय पर कोयला नहीं मिला तो आगामी गर्मियों में बिजली की कटौती और अधिक बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए कोयला供应链 में पारदर्शिता लाना और रेलवेインフラ का उन्नयन आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य और केंद्र मिलकर एक संयुक्त निगरानी समिति बनाए ताकिreal-time डेटा पर आधारित निर्णय लिए जा सकें। इससे दोनों पक्षों के बीच दोषारोपण की बजाय सहयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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