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राम माधव की बीजेपी कार्यकारिणी में वापसी, मोदी-शाह की रणनीति में क्या भूमिका?

18/8/2026, 1:01:08 pm
राम माधव की बीजेपी कार्यकारिणी में वापसी, मोदी-शाह की रणनीति में क्या भूमिका?
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नई दिल्ली: बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें राम माधव को फिर से सदस्य बनाया गया है। वे सितंबर 2020 तक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे थे। उसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। अब करीब चार साल बाद उनकी वापसी हुई है। राम माधव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रहे हैं। जुलाई 2014 में जब अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, तब राम माधव को संघ से पार्टी में लाकर महासचिव बनाया गया। उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों का प्रभार दिया गया। उनके कार्यकाल में बीजेपी ने असम, त्रिपुरा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में सरकार बनाई। जम्मू‑कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाने में भी उनकी भूमिका रही। सितंबर 2020 में जेपी नड्डा के अध्यक्ष रहते राम माधव को महासचिव पद से हटाया गया। तब कहा गया कि यह संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों ने इसे उनकी भूमिका सीमित करने के तौर पर देखा। उसके बाद वे पार्टी के किसी बड़े पद पर नहीं रहे। वे लेखन और भाषणों तक सीमित रहे। अब नई कार्यकारिणी में उन्हें सदस्य बनाया गया है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में यह बदलाव लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है। जानकार मानते हैं कि राम माधव का अनुभव पूर्वोत्तर और जम्मू‑कश्मीर में काम आ सकता है। वे संघ और पार्टी के बीच सेतु का काम भी करते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी लगातार संगठन को मजबूत कर रही है। राम माधव की वापसी को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। उनके संघ से पुराने संबंध हैं। वे विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध माने जाते हैं। चुनावी साल में उनका उपयोग संगठनात्मक समन्वय के लिए हो सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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