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रांची: बेटे के जन्म के 24 घंटे बाद महिला दारोगा की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में देरी का आरोप

17/9/2026, 5:22:00 am
रांची: बेटे के जन्म के 24 घंटे बाद महिला दारोगा की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में देरी का आरोप
रांची के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को महिला दारोगा पूनम कुमारी (32) ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव सामान्य रहा और मां-बच्चे दोनों स्वस्थ बताए गए। शनिवार सुबह अचानक पूनम की तबीयत बिगड़ी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन कोई समय पर नहीं आया। दोपहर तक पूनम ने दम तोड़ दिया। पूनम झारखंड पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थीं और फिलहाल रांची के महिला थाने में तैनात थीं। उनके पति राकेश कुमार भी पुलिस विभाग में हैं। राकेश ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, "पूनम को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हमने नर्स से डॉक्टर बुलाने को कहा, पर घंटों इंतजार कराया गया। अगर वक्त पर इलाज मिलता तो वह बच जाती।" अस्पताल के निदेशक डॉ. एसके सिंह ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "प्रसव के बाद पूनम की हालत स्थिर थी। अचानक पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में खून का थक्का) हुआ। हमारी टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके।" घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह साफ होगी। पूनम के सहकर्मी उन्हें मेहनती और मिलनसार अधिकारी बताते हैं। महिला थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योति कुमारी ने कहा, "पूनम ने हमेशा ड्यूटी को प्राथमिकता दी। गर्भावस्था के आखिरी महीने तक वह थाने आती रहीं। उनका जाना पूरे विभाग के लिए बड़ी क्षति है।" झारखंड में मातृ मृत्यु दर अब भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में प्रति एक लाख प्रसव पर 71 महिलाओं की मौत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में प्रसवोत्तर देखभाल की कमी और अस्पतालों में स्टाफ की कमी बड़ा कारण है। पूनम का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव हजारीबाग जिले के बड़कागांव में होगा। उनके पीछे पति राकेश और नवजात बेटा रह गए हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
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