विश्व
रूस ने ईरान को मक्का समझौते में लाने की कोशिश तेज़ की
10/9/2026, 2:45:21 am

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में एक बयान दिया कि ईरान भविष्य में मक्का रक्षा समझौते का हिस्सा बन सकता है। यह समझौता सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का एक प्रमुख ढांचा है।
लावरोव का यह इशारा मध्य‑पूर्व की भू‑राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। ईरान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से तनाव रहा है, लेकिन पिछले साल दोनों देशों ने राजनयिक संबंध बहाल किए थे। अब रूस ईरान को इस सुरक्षा ढांचे में लाकर क्षेत्रीय संतुलन बदलने की कोशिश कर रहा है।
बयान के तुरंत बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान मॉस्को पहुँचे और लावरोव से मुलाक़ात की। दोनों पक्षों ने समझौते के विस्तार, सुरक्षा चुनौतियों और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की। सऊदी नेतृत्व चाहता है कि कोई भी नया सदस्य समझौते के मूल सिद्धांतों को माने और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में न डाले।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस कदम से अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहता है। रूस पहले से ही सीरिया में ईरान के साथ मिलकर काम कर रहा है और अब वह खाड़ी देशों के साथ भी गहरे संबंध बनाना चाहता है। ईरान के शामिल होने से मक्का समझौते की सैन्य क्षमता बढ़ सकती है, लेकिन इससे इज़राइल और अमेरिका की चिंताएँ भी बढ़ेंगी।
फ़िलहाल दोनों पक्ष किसी औपचारिक निर्णय पर नहीं पहुँचे हैं। अगले कुछ हफ्तों में और बैठकें हो सकती हैं, जिनमें समझौते की शर्तों और ईरान की भूमिका पर विस्तार से बात होगी। क्षेत्र के देश इस घटनाक्रम को करीब से देख रहे हैं क्योंकि इसका असर तेल बाज़ार, सुरक्षा व्यवस्था और राजनयिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
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