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भारत

सरकार में राशन धोखाधड़ी: 56 लाख आयकरदाता और 7 लाख जीएसटी कारोबारी सामने आए

26/8/2026, 11:58:21 pm
सरकार में राशन धोखाधड़ी: 56 लाख आयकरदाता और 7 लाख जीएसटी कारोबारी सामने आए
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केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा की गई आंतरिक समीक्षा में सामने आया कि देश के विभिन्न राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत दिया जाने वाला राशन अवैध रूप से कई आयकरदाताओं और जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों द्वारा लिया जा रहा है। जांच के अनुसार, लगभग 56 लाख आयकरदाता और 7 लाख जीएसटी कारोबारी ऐसे लाभार्थियों की सूची में शामिल पाए गए, जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा से ऊपर है और इसलिए उन्हें सब्सिडी वाले अनाज का हक नहीं है। इस खुलासे के बाद मंत्रालय ने तुरंत प्रभाव से इन लाभार्थियों की पहचान कर उनके राशन कार्ड को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि धोखाधड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन और डेटा क्रॉस‑चेकिंग जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे समय‑समय पर सामाजिक ऑडिट करवाकर पात्र लाभार्थियों की सूची को अपडेट रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी न केवल सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ डालती है, बल्कि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी अनाज की उपलब्धता भी कम कर देती है। इसलिए, पारदर्शी प्रणाली और कड़ी निगरानी आवश्यक है। मंत्रालय ने बताया कि अगले छह महीनों में सभी राज्यों में आधार‑से जुड़े ई‑POS मशीनों का विस्तार किया जाएगा, जिससे केवल वास्तविक पात्र व्यक्ति ही राशन प्राप्त कर सकेंगे। इस कदम से सरकार का लक्ष्य है कि सब्सिडी वाले खाद्यान्न का लाभ केवल उन्हीं तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है, और धोखाधड़ी करने वालों पर उचित कार्रवाई की जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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