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भारत

सितंबर से चीनी बिक्री के नए नियम, क्या आम आदमी को मिलेगी सस्ती चीनी?

31/8/2026, 1:00:02 am
सितंबर से चीनी बिक्री के नए नियम, क्या आम आदमी को मिलेगी सस्ती चीनी?
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केंद्र सरकार ने सितंबर से चीनी की बिक्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने नई अधिसूचना जारी कर राज्यों को खुदरा मूल्य तय करने की पूरी छूट दे दी है। इस कदम का मकसद आम उपभोक्ता तक सस्ती चीनी पहुंचाना है। पहले सरकार ने चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य तय किया था, जिससे खुदरा बाजार में दाम ऊंचे बने रहते थे। नई व्यवस्था में राज्यों को बाजार की मांग और आपूर्ति के हिसाब से कीमत निर्धारित करने का अधिकार मिला है। उद्योग संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। चीनी मिलों के संघ ने कहा कि खुली कीमत नीति से उत्पादकों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और निवेश बढ़ेगा। वहीं किसान संगठनों ने चिंता जताई कि बिना न्यूनतम मूल्य के गन्ना किसानों को नुकसान हो सकता है। उपभोक्ता मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई नियमावली से खुदरा दाम में 5 से 10 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपनी जरूरत के हिसाब से सब्सिडी भी दे सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बदलने से कीमतें तुरंत नहीं गिरेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम, रुपये की विनिमय दर और परिवहन लागत भी असर डालते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नई नीति का पालन न करने वाले राज्यों पर कार्रवाई होगी। उपभोक्ता अधिकार संगठन निगरानी करेंगे और शिकायत दर्ज कराएंगे। आने वाले महीनों में बाजार की प्रतिक्रिया देखी जाएगी। पिछले साल सरकार ने चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया था। इस मूल्य सीमा के कारण खुदरा दुकानदार अक्सर अधिक दाम वसूलते थे। नए नियम के बाद राज्यों को यह सीमा हटाने की अनुमति मिली है। कई राज्यों ने पहले ही अपनी अधिसूचना जारी कर दी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने खुदरा मूल्य 28 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम रखने का फैसला लिया है। अन्य राज्य अभी विचार‑विमर्श कर रहे हैं। उपभोक्ता संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कीमतों की निगरानी के लिए एक केंद्रीय पोर्टल बनाया जाए। इससे आम आदमी को वास्तविक दाम पता चल सकेगा और कालाबाजारी रुकेगी। अगले कुछ हफ्तों में चीनी की थोक मंडियों में आवक बढ़ने की संभावना है। यदि आपूर्ति सुचारु रही तो खुदरा दाम में गिरावट दिख सकती है। सरकार नतीजों की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर और सुधार करेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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