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एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी ने जिनपिंग से हाथ मिलाया, शहबाज शरीफ देखते रह गए

1/9/2026, 5:30:37 am
एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी ने जिनपिंग से हाथ मिलाया, शहबाज शरीफ देखते रह गए
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किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में सोमवार को एक दिलचस्प दृश्य सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास जाकर हाथ मिलाया और उनसे कुशलक्षेम पूछा। मोदी ने जिनपिंग से कहा, "आप कैसे हैं?" और दोनों ने मुस्कुराते हुए कुछ देर बातचीत की। इस मुलाकात की तस्वीरें तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन वे मोदी और जिनपिंग की बातचीत को केवल देखते रह गए। शरीफ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कोई बातचीत शुरू की। एससीओ के इस सत्र में भारत, चीन, पाकिस्तान, रूस, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के नेता शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य एजेंडा आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित रहा। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। उन्होंने आतंकवाद के खतरे को साझा चिंता बताया और संयुक्त कार्रवाई की अपील की। चीन के राष्ट्रपति ने भी भारत के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। पाकिस्तान की ओर से शरीफ ने क्षेत्रीय शांति की बात कही, लेकिन उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर कोई टिप्पणी नहीं की। उनकी चुप्पी को विश्लेषक एक रणनीतिक संकेत मान रहे हैं। सम्मेलन के अंत में सभी नेता एक संयुक्त बयान पर सहमत हुए, जिसमें बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का संकल्प शामिल है। बयान में ऊर्जा, परिवहन और डिजिटल संपर्क पर जोर दिया गया है। वीडियो फुटेज में मोदी और जिनपिंग की गर्मजोशी साफ देखी जा सकती है, जबकि शरीफ की चुप्पी चर्चा का विषय बनी। सोशल मीडिया पर लोग इस दृश्य की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों में थोड़ी नरमी ला सकती है, लेकिन पाकिस्तान की भूमिका अभी भी अनिश्चित है। आगे की बैठकों में ठोस परिणाम की उम्मीद की जा रही है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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