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स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, ब्रिटेन के टूटने का खतरा बढ़ा

15/9/2026, 6:16:08 am
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, ब्रिटेन के टूटने का खतरा बढ़ा
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स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। तीनों क्षेत्रों की सरकारों ने एक साझा बयान में कहा कि वे आर्थिक सहयोग, जलवायु नीति और सामाजिक सुरक्षा पर मिलकर काम करेंगे। एमओयू के तहत स्कॉटलैंड की संसद, वेल्स की संसद (सेंडेड) और उत्तरी आयरलैंड की असेंबली एक संयुक्त समिति बनाएंगी। यह समिति हर तिमाही बैठक करेगी और साझा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी। समझौते में स्पष्ट है कि किसी भी पक्ष को अलग होने का अधिकार नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह एक “व्यावहारिक कदम” है जो भविष्य में स्वतंत्रता की मांग को मजबूत कर सकता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि “हमारी एकता अटूट है” और वे तीनों क्षेत्रों के साथ बातचीत जारी रखेंगे। वहीं, स्कॉटलैंड की प्रथम मंत्री ने जोर देकर कहा कि “हम अपने लोगों की आवाज़ सुन रहे हैं”। वेल्स के नेता ने भी कहा कि “सहयोग से ही हम बेहतर भविष्य बना सकते हैं”। उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने शांति प्रक्रिया को बनाए रखने पर जोर दिया। इतिहास पर नज़र डालें तो ब्रिटेन ने 1947 में भारत का विभाजन किया था। आज वही ब्रिटेन अपने अंदरूनी विभाजन का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक असमानता, ब्रेक्सिट के बाद की अनिश्चितता और स्थानीय पहचान की मांग मिलकर इस स्थिति को जन्म दे रहे हैं। अगर यह समझौता सफल रहता है, तो यह अन्य संघीय राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है। लेकिन अगर बातचीत टूटती है, तो स्कॉटलैंड, वेल्स या उत्तरी आयरलैंड में फिर से जनमत संग्रह की मांग तेज हो सकती है। फिलहाल लंदन की सरकार इस पर नजर रखे हुए है और अगले महीने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की तैयारी में है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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