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सर्जियो गोर का कश्मीर बयान: सहमति या दोधारी तलवार?

20/8/2026, 7:43:49 am
सर्जियो गोर का कश्मीर बयान: सहमति या दोधारी तलवार?
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर जाकर जम्मू‑कश्मीर पर जो कहा, उसे भारतीय मीडिया के एक हिस्से और सत्ताधारी भाजपा ने बड़ी जीत की तरह पेश किया। गोर ने कहा कि कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं और अमेरिका भारत की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। कई टिप्पणीकारों ने इसे अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर अमेरिकी सहमति मान लिया। मगर गोर ने साथ ही जोड़ा कि अमेरिका मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और कानून के शासन पर नजर रखेगा। यही शर्त इस बयान को दोधारी तलवार बना देती है। अमेरिका की आधिकारिक नीति में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया है; विदेश विभाग अब भी कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय विवादित क्षेत्र मानता है और 2019 के बाद से मानवाधिकार उल्लंघन, इंटरनेट बंदी और राजनीतिक बंदियों की रिपोर्ट देता रहा है। गोर का दौरा दरअसल द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की मजबूरी ज्यादा दिखता है। चीन की चुनौती से निपटने के लिए क्वाड, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रक्षा सहयोग में भारत‑अमेरिका साथ आए हैं। ऐसे में राजदूत का बयान राजनयिक शिष्टाचार और संबंधों की गर्माहट बनाए रखने की कवायद लगता है। भारत के लिए असली परीक्षा कश्मीर में जमीनी हालात सुधारने, लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने और मानवाधिकार मानकों पर खरा उतरने की है। केवल विदेशी राजदूत की तारीफ से नीति की सफलता तय नहीं होती। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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