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शोएब अख्तर का दावा: इमरान की कप्तानी मिलती तो 400 टेस्ट विकेट ले चुका होता

14/8/2026, 2:48:56 am
शोएब अख्तर का दावा: इमरान की कप्तानी मिलती तो 400 टेस्ट विकेट ले चुका होता
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पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक बार फिर अपनी बेबाक राय रखी है। इस बार उनका निशाना अपने करियर पर है। अख्तर का दावा है कि अगर उन्हें इमरान खान की कप्तानी में खेलने का मौका मिलता तो वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट का आंकड़ा पार कर चुके होते। रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर ने अपने टेस्ट करियर में 176 विकेट लिए हैं। वह 1997 से 2007 तक पाकिस्तान के लिए खेले। इस दौरान कई कप्तानों के नेतृत्व में मैदान पर उतरे, लेकिन इमरान खान की कप्तानी देखने को नहीं मिली। इमरान ने 1992 में पाकिस्तान को विश्व कप जिताया था और उसी साल संन्यास ले लिया था। अख्तर ने 1997 में पदार्पण किया। अख्तर का मानना है कि इमरान की कप्तानी में तेज गेंदबाजों को जो आजादी और समर्थन मिलता था, वह किसी और कप्तान से नहीं मिला। वसीम अकरम और वकार यूनुस जैसे दिग्गज इमरान की छत्रछाया में ही निखरे। अख्तर कहते हैं कि इमरान गेंदबाज की मानसिकता समझते थे। उन्हें पता था कि तेज गेंदबाज को कब आराम देना है और कब आक्रमण पर लगाना है। अख्तर के करियर में चोटों ने बड़ा रोड़ा डाला। घुटने, टखने, पीठ — हर जगह दर्द रहा। वह मानते हैं कि इमरान की देखरेख में उनका वर्कलोड बेहतर तरीके से संभाला जाता। शायद तब वह लंबा खेल पाते और विकेटों का पहाड़ खड़ा कर पाते। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञ इसे 'क्या होता अगर' वाली बहस मानते हैं। अख्तर की रफ्तार बेमिसाल थी। 161.3 किमी/घंटा की गेंद आज भी रिकॉर्ड है। लेकिन निरंतरता और फिटनेस हमेशा सवालों में रही। 46 टेस्ट में 176 विकेट — औसत 25.70 का। बुरा नहीं, लेकिन 400 का दावा बड़ा है। वसीम अकरम ने 104 टेस्ट में 414 विकेट लिए। वकार ने 87 टेस्ट में 373। अख्तर ने आधे से भी कम टेस्ट खेले। फिर भी उनकी बात में दम है कि कप्तान का असर पड़ता है। इमरान ने 1982-92 के बीच 48 टेस्ट में कप्तानी की। पाकिस्तान ने तब 14 जीते, 8 हारे। तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहा। आज अख्तर कमेंटेटर और यूट्यूबर हैं। उनकी बातें अक्सर सुर्खियां बनती हैं। यह दावा भी चर्चा में है। प्रशंसक सोशल मीडिया पर हिसाब लगा रहे हैं — क्या वाकई 400 मुमकिन था? जवाब किसी के पास नहीं। लेकिन इतना तय है कि अख्तर और इमरान का साथ पाकिस्तान क्रिकेट का एक दिलचस्प 'अनदेखा अध्याय' बनकर रह गया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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