लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

सिंगापुर अदालत ने भारतीय मूल के सीईओ की याचिका खारिज, 3.5 करोड़ की वसूली नाकाम

14/9/2026, 4:07:15 am
सिंगापुर अदालत ने भारतीय मूल के सीईओ की याचिका खारिज, 3.5 करोड़ की वसूली नाकाम
Original publisher image
सिंगापुर की हाई कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय मूल के एक टेक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की याचिका खारिज कर दी। सीईओ ने आरोप लगाया कि उसकी पूर्व प्रेमिका ने 2022 में एक नए टेक स्टार्टअप में निवेश के लिए उसे 3.5 करोड़ रुपये दिए थे, जिन्हें उसने अब कर्ज मानकर वापस मांगा है। उसने कहा कि रकम का इस्तेमाल उपकरण खरीदने और टीम विस्तार करने में हुआ था और इसलिए इसे चुकाना आवश्यक है। अदालत ने दोनों पक्षों के बयानों की जाँच की और पाया कि लेन‑देन का कोई लिखित सबूत नहीं है। कोई बैंक ट्रान्सफर रसीद, हस्ताक्षरित ऋण समझौता या ईमेल thread नहीं मिला। सब कुछ सिर्फ मौखिक वादे पर आधारित था। जज ने स्पष्ट किया कि बिना दस्तावेजी प्रमाण के ऐसी बड़ी रकम की वसूली नागरिक कानून के अंतर्गत मान्य नहीं हो सकती, क्योंकि सिद्धांत रूप में यह सिर्फ एक उपहार हो सकता है। सीईओ के वकील ने दलील दी कि पैसा स्पष्ट रूप से एक व्यावसायिक ऋण था, जिसे स्टार्टअप के प्रारंभिक चरण में seeding fund के तौर पर दिया गया था। उन्होंने कुछ गवाह पेश किए जो दावा करते हैं कि महिला ने कहा था कि वह इसे बाद में वापस लेगी। दूसरी ओर, महिला के वकील ने तर्क दिया कि रकम एक व्यक्तिगत उपहार था, कोई शर्त नहीं थी और उसने कभी भी वापसी की मांग नहीं की। अदालत ने पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की गहन जाँच की। महिला ने दिखाया कि पैसा उसके व्यक्तिगत खाते से आया था और उसने कभी भी किसी कानूनी नोटिस या याद दिलाने के लिए कोई संदेश नहीं भेजा। सीईओ की ओर से कोई भी बैंक स्टेटमेंट नहीं पेश किया जा सका जिसमें लेन‑देन को ऋण के रूप में दर्शाया गया हो। इसके चलते जज ने याचिका को निरस्त करते हुए कहा कि सबूत का बोझ दावेदार पर होता है और वह इसे पूरा नहीं कर सका। फैसले के बाद सीईओ के वकील ने कहा कि वे उच्च अदालत में अपील दायर करेंगे और अतिरिक्त सबूत जुटाने की कोशिश करेंगे। महिला के वकील ने फैसले को न्याय की जीत कहा और बताया कि इस तरह के मामलों में व्यक्तिगत संबंधों में वित्तीय लेन‑देन को सावधानी से dokument करना आवश्यक है। इस निर्णय ने सिंगापुर में ऐसी विवादों के निपटारे के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देशों की जरूरत पर चर्चा शुरू कर दी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित