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टिकटॉक फॉलोअर्स के लिए बहनों में झगड़ा, एक की मौत

2/9/2026, 2:11:12 pm
टिकटॉक फॉलोअर्स के लिए बहनों में झगड़ा, एक की मौत
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पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर में टिकटॉक पर फॉलोअर्स बढ़ाने को लेकर दो बहनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक बहन की जान चली गई। पुलिस के मुताबिक घटना शनिवार शाम को एक निजी मकान में हुई जब बड़ी बहन ने छोटी बहन के अकाउंट पर ज्यादा फॉलोअर्स होने का दावा किया। दोनों के बीच तीखी बहस जल्दी ही हाथापाई में बदल गई और बड़ी बहन ने छोटी बहन पर चाकू से हमला कर दिया। छोटी बहन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने बिना देरी किए आरोपी बड़ी बहन को पुलिस के हवाले कर दिया और पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ अब घरेलू हिंसा का रूप ले रही है और उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की। गुजरांवाला के स्थानीय निवासियों ने घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की कि स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल मीडिया की समझ बढ़ाने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएं। पाकिस्तान में टिकटॉक के यूजर बेस पिछले दो साल में दोगुना हो गया है और युवा पीढ़ी इसे अपनी पहचान बनाने का जरिया मानती है। हाल के महीनों में कई शहरों से इसी तरह के विवाद सामने आए हैं जहां लाइक और फॉलोअर्स के लिए झगड़े हिंसक रूप ले चुके हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर तुरंत प्रसिद्धि पाने की लालसा आत्मसम्मान को कमजोर कर देती है और आक्रामक व्यवहार को बढ़ावा देती है। सरकार ने डिजिटल सुरक्षा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है ताकि ऑनलाइन उत्पीड़न और हिंसा को रोका जा सके। गुजरांवाला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन विवाद को थाने में रिपोर्ट करें बजाय खुद हल करने के। स्थानीय एनजीओ ने स्कूलों में मीडिया साक्षरता कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है ताकि बच्चे सोशल मीडिया के खतरों को समझ सकें। इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी अधिक सख्त मॉडरेशन की मांग उठ रही है, खासकर उन कंटेंट पर जो हिंसा को उकसाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक संवाद और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव पर बहस छेड़ दी है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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