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मोतिहारी में बहनों ने राखी बांधकर दिया सुरक्षित यात्रा का संदेश

28/8/2026, 6:41:41 pm
मोतिहारी में बहनों ने राखी बांधकर दिया सुरक्षित यात्रा का संदेश
मोतिहारी में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर रिश्तों की रक्षा और सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया। इस आयोजन में शहर के कई मोहल्लों के परिवारों ने बढ़‑चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय सामाजिक संस्था ‘साथी’ ने किया था, जिसने पिछले साल भी इसी तरह का जागरूकता अभियान चलाया था। संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि इस बार का मुख्य विषय ‘सुरक्षित सफर, मजबूत बंधन’ रखा गया है। बहनों ने पारंपरिक रेशमी राखी के साथ‑साथ छोटे‑छोटे संदेश कार्ड भी बांधे, जिन पर ‘सुरक्षित यात्रा’ और ‘सदैव साथ’ जैसे शब्द लिखे थे। ये कार्ड भाईयों को याद दिलाते हैं कि वे घर लौटते समय सावधानी बरतें। एक बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘राखी केवल धागा नहीं, यह विश्वास का प्रतीक है जो भाई को हर मुश्किल में साथ देता है। इस बार हमने यात्रा सुरक्षा का संदेश जोड़ा ताकि भाई लंबी दूरी की यात्रा पर भी सतर्क रहें। भाईयों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे संदेश समाज में सकारात्मकता फैलाते हैं। एक भाई ने बताया कि वह अब अपनी बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना नहीं भूलता, क्योंकि बहन की राखी ने उसे याद दिलाया। कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर सड़क सुरक्षा शिविर आयोजित करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले त्योहारों में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नागरिक सुरक्षा के प्रति सजग रहें। प्रशासन ने स्कूलों में भी राखी‑थीम पर निबंध प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया। इस अवसर पर बच्चों ने भी राखी बांधने का अभ्यास किया, जिससे वे परंपरा को समझ सकें और बड़ों का सम्मान करना सीखें। शिक्षकों ने उन्हें राखी का ऐतिहासिक महत्व भी बताया। समापन पर सभी ने मिलकर मिठाई बांटी और एक‑दूसरे को शुभकामनाएं दीं। महिलाओं ने गीत गाए जबकि पुरुषों ने ढोल बजाकर माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस पहल से मोतिहारी के लोगों में भाई‑बहन के रिश्ते और सामाजिक सौहार्द की भावना मजबूत हुई। स्थानीय मीडिया ने भी इस कार्यक्रम को प्रमुखता से कवर किया, जिससे संदेश दूर‑दूर तक पहुंचा। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक संदेशों को त्योहारों के साथ जोड़ने की योजना बनाई है। उनका मानना है कि परंपरा और जागरूकता साथ‑साथ चलने से समाज अधिक सुरक्षित बनेगा। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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