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भारत

त्योहारों से पहले चीनी सस्ती, नए नियमों से दाम गिरे

20/9/2026, 5:00:30 am
त्योहारों से पहले चीनी सस्ती, नए नियमों से दाम गिरे
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नई दिल्ली में चीनी के थोक भाव में अचानक गिरावट आई है। सरकार ने पिछले हफ्ते स्टॉक लिमिट और आयात शुल्क में बदलाव किए, जिससे बाजार पर तुरंत असर पड़ा। पहले थोक में चीनी 42 रुपये किलो बिक रही थी, अब वही 38 रुपये किलो पर मिल रही है। खुदरा दुकानदार भी 40 रुपये के आसपास बेच रहे हैं, जो पिछले महीने 44 रुपये था। त्योहारों के मौसम में मिठाई और पकवानों की मांग बढ़ जाती है, इसलिए दाम घटने से घरेलू बजट पर दबाव कम हुआ है। भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) ने कहा कि नए नियम से सप्लाई चेन सुधरी है और किसानों को भी उचित मूल्य मिल रहा है। कृषि मंत्रालय ने बताया कि वह कीमतों पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाएगा। उपभोक्ता इस गिरावट से खुश हैं और बाजार में खरीदारी बढ़ी है, खासकर दीवाली और नवरात्रि की तैयारियों में। व्यापारियों का मानना है कि अगर सरकार स्टॉक लिमिट को और सख्त करती है तो दाम और नीचे आ सकते हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के भाव ऊपर जाने पर घरेलू कीमतें फिर चढ़ सकती हैं। नई स्टॉक लिमिट 10 लाख टन से घटाकर 5 लाख टन कर दी गई है, जिससे मिलों के पास अतिरिक्त चीनी बाजार में आई। आयात शुल्क भी 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत किया गया, जिससे विदेशी चीनी सस्ती हुई और घरेलू आपूर्ति बढ़ी। गन्ना किसानों को अब प्रति क्विंटल 315 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल रहा है, जो पिछले साल 295 रुपये था। इससे किसानों की आमदनी में सुधार हुआ और वे अधिक गन्ना बोने लगे हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि त्योहारी मांग के साथ सप्लाई बढ़ने से कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के भाव 0.20 डॉलर प्रति पाउंड तक चढ़े हैं, जो भविष्य में असर डाल सकते हैं। सरकार ने कहा कि वह हर सप्ताह कीमतों की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उपाय करेगी। उपभोक्ता संगठनों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है और आगे भी पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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