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भारत

तेजाब की खुली बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्ण प्रतिबंध पर विचार

30/8/2026, 9:12:31 pm
तेजाब की खुली बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्ण प्रतिबंध पर विचार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एसिड अटैक की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि तेजाब की खुली बिक्री अब बर्दाश्त नहीं की जा सकती। बेंच ने केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान बेंच ने मौखिक टिप्पणी की, "जब तक तेजाब किराने की दुकान पर सब्जी की तरह मिलता रहेगा, हमले नहीं रुकेंगे।" कोर्ट ने पूछा कि 2013 में बने दिशानिर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा। उन नियमों के मुताबिक तेजाब बेचने वाले का लाइसेंस जरूरी है, खरीदार का पहचान पत्र देखना अनिवार्य है और बिक्री का रजिस्टर मेंटेन करना होता है। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि ज्यादातर राज्यों में ये नियम कागजों पर ही हैं। तेजाब अब भी 20-30 रुपये में खुलेआम बिक रहा है। पिछले पांच साल में एसिड अटैक के 1,200 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, लेकिन दोषसिद्धि दर 10 फीसदी से भी कम है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार नया मसौदा तैयार कर रही है जिसमें खुदरा बिक्री पूरी तरह बंद करने का प्रावधान हो सकता है। औद्योगिक उपयोग के लिए अलग लाइसेंस व्यवस्था बनेगी। कोर्ट ने कहा कि मसौदा अगली सुनवाई से पहले पेश करें। पीड़ितों के पुनर्वास पर भी कोर्ट ने जोर दिया। बेंच ने कहा कि मुआवजा मिलने में सालों लग जाते हैं, इलाज का खर्च पीड़ित परिवार उठाता है। राज्यों को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम सख्ती से लागू करनी होगी। अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। तब तक सभी राज्यों को हलफनामा दाखिल करना है कि उन्होंने 2013 के दिशानिर्देशों को कितना लागू किया। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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