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सुप्रीम कोर्ट: केवल मुकदमे दर्ज होने से जिला बदर नहीं, ठोस वजह जरूरी

31/8/2026, 5:29:10 am
सुप्रीम कोर्ट: केवल मुकदमे दर्ज होने से जिला बदर नहीं, ठोस वजह जरूरी
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाया कि केवल मुकदमे दर्ज होने से किसी व्यक्ति को जिला बदर नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिला बदर की कार्रवाई के लिए ठोस और स्पष्ट वजह होनी चाहिए। यह फैसला एक याचिका पर आया जिसमें एक व्यक्ति को कई मामलों में नामजद होने के बावजूद जिला बदर का आदेश दिया गया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि पुलिस ने उसके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं, लेकिन किसी भी मामले में दोष सिद्ध नहीं हुआ। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि कानून के तहत जिला बदर तभी संभव है जब प्रशासन दिखा सके कि व्यक्ति की मौजूदगी से सार्वजनिक शांति को खतरा है। बेंच ने यह भी कहा कि केवल एफआईआर की संख्या को आधार बनाकर कार्रवाई करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होगा। इस फैसले से पुलिस और जिला प्रशासन को अब किसी भी व्यक्ति को जिला बदर करने से पहले ठोस साक्ष्य जुटाने होंगे। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय नागरिक अधिकारों की रक्षा में बड़ा कदम है और मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाएगा। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने पर जिला बदर की प्रक्रिया जारी रहेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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