लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

सुप्रीम कोर्ट आज तृणमूल के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई करेगा

25/8/2026, 2:52:49 am
सुप्रीम कोर्ट आज तृणमूल के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई करेगा
Original publisher image
सुप्रीम कोर्ट में आज तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिका पर सुनवाई होगी। अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का समय दिया था। आज की सुनवाई में अयोग्यता का आधार और संवैधानिक प्रावधानों पर बहस होगी। यह मामला 2024 के आम चुनाव के बाद सामने आया जब तृणमूल के 20 सांसदों ने पार्टी व्हिप के विपरीत जाकर संसद में मतदान किया। पार्टी ने इन सांसदों को नोटिस जारी किया और अयोग्यता की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ने पहले इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पिछले महीने दोनों पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 102(1)(ए) और 191(1)(ए) का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन सदस्यता खत्म करने का पर्याप्त आधार है। बागी सांसदों के वकील ने दलील दी कि व्हिप केवल पार्टी अनुशासन के लिए है और संविधान में सदस्यता रद्द करने का अधिकार केवल अध्यक्ष को है। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा के 2019 के फैसले का हवाला दिया जहां कोर्ट ने कहा था कि व्हिप का उल्लंघन अयोग्यता का स्वत: आधार नहीं बनता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसला न केवल तृणमूल बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर असर डालेगा। यदि अयोग्यता स्वीकार होती है तो तृणमूल की लोकसभा में सीटें घटकर 22 रह जाएंगी, जिससे सरकार के साथ बातचीत की ताकत कम होगी। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने इस मामले को अपने-अपने तरीके से भुनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों दलों के प्रवक्ताओं ने बयान जारी कर कहा कि फैसला लोकतांत्रिक मर्यादा का परीक्षण होगा। सुनवाई की लाइव अपडेट मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जाएगी। कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों पक्ष आगे की रणनीति तय करेंगे। इस मामले पर पूरे देश की नजर लगी हुई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित