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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान महावीर जी मंदिर प्रबंधन विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा

10/9/2026, 12:46:04 am
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान महावीर जी मंदिर प्रबंधन विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा
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नई दिल्ली, 10 सितंबर — सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के महावीर जी मंदिर के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई पूरी कर ली और फैसला सुरक्षित रख लिया। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और कहा कि मंदिर के आंतरिक मामलों में अदालत का दखल सीमित होना चाहिए। सुनवाई के दौरान जज ने पूछा, "आप भगवान को क्यों परेशान कर रहे हो?" यह टिप्पणी तब आई जब याचिकाकर्ता ने मंदिर के ट्रस्टी बोर्ड को भंग करने की मांग रखी। राजस्थान सरकार ने दलील दी कि मंदिर का प्रबंधन राज्य के कानून के तहत होता है और ट्रस्टी बोर्ड की नियुक्ति पूरी तरह कानूनसम्मत है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि बोर्ड के सदस्य अपने निजी हितों के लिए मंदिर की संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। पीठ ने दोनों पक्षों से लिखित जवाब मांगे और स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय में संवैधानिक प्रावधानों और मंदिर के धार्मिक महत्व का संतुलन रखा जाएगा। मामला 2023 में दायर हुआ था जब स्थानीय श्रद्धालुओं ने मंदिर के खातों में अनियमितता की शिकायत की थी। तब से कई सुनवाई हुईं और दोनों पक्षों ने अपने‑अपने सबूत पेश किए। अब अदालत का फैसला आने तक मंदिर का मौजूदा प्रबंधन जारी रहेगा। संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक संस्थाओं को स्वायत्तता मिली हुई है, लेकिन राज्य कानून भी मंदिरों के प्रबंधन पर नियंत्रण रख सकता है। इस विवाद ने देश भर के धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन मॉडल पर फिर से बहस छेड़ दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि फैसला मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए एक मानक तय कर सकता है। श्रद्धालुओं ने अदालत के रुख का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि फैसला भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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