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सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना ‘धनुष‑बाण’ चिह्न पर महासंग्राम, ठाकरे‑शिंदे आमने‑सामने

1/9/2026, 10:11:17 pm
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना ‘धनुष‑बाण’ चिह्न पर महासंग्राम, ठाकरे‑शिंदे आमने‑सामने
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सुप्रीम कोर्ट में आज शिवसेना के ‘धनुष‑बाण’ चिह्न को लेकर सुनवाई शुरू हुई। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट दोनों ने अपना दावा पेश किया। 2022 में पार्टी टूटने के बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को चिह्न दे दिया था। ठाकरे गुट ने इसे अदालत में चुनौती दी और कहा कि असली शिवसेना वही है जिसकी स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने संविधान की धारा 10‑A और चुनाव चिह्न अधिनियम का हवाला दिया। शिंदे गुट ने दलील दी कि उनके पास विधायकों का बहुमत है, इसलिए चिह्न उनका है। ठाकरे गुट ने जवाब में कहा कि पार्टी का नाम और चिह्न केवल संस्थापक की विरासत से जुड़े हैं, न कि संख्या बल से। उन्होंने पुराने दस्तावेज़ और पार्टी संविधान की प्रति पेश की। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को लिखित जवाब दाख़िल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया। फैसला आने तक चिह्न का इस्तेमाल दोनों गुट नहीं कर सकेंगे। इस विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा। अगर ठाकरे गुट को चिह्न मिलता है तो शिंदे सरकार के लिए चुनावी रणनीति बदलनी पड़ेगी। उधर, शिंदे गुट को चिह्न मिलने पर ठाकरे की पार्टी को नया चिह्न तलाशना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसला शिवसेना के भविष्य की दिशा तय करेगा। दोनों गुट अपने‑अपने समर्थकों को भरोसा दिला रहे हैं कि अदालत उनके पक्ष में फैसला सुनाएगी। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। तब तक मीडिया और जनता दोनों तरफ की दलीलों पर नज़र रखे हुए है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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