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स्वरा भास्कर ने पद्मावत के पत्र पर फिर उठाए सवाल

31/8/2026, 8:14:14 pm
स्वरा भास्कर ने पद्मावत के पत्र पर फिर उठाए सवाल
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अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एक बार फिर फिल्म 'पद्मावत' के निर्देशक संजय लीला भंसाली को लिखे अपने पत्र का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था बल्कि दुष्कर्म पीड़िताओं की आवाज़ को सामने लाना था। स्वरा ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब फिल्म रिलीज़ हुई तो उन्होंने भंसाली को खत लिखा था। उसमें उन्होंने लिखा था, "भगवान न करे कि मैं दुष्कर्म पीड़िता होती।" इस वाक्य पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। स्वरा का कहना है कि यह वाक्य एक सांकेतिक प्रार्थना थी, न कि कोई धमकी। उन्होंने आगे कहा कि समाज में दुष्कर्म के शिकार लोगों को अक्सर चुप करा दिया जाता है। फिल्म में रानी पद्मावती की कहानी को जिस तरह दिखाया गया, उससे उन्हें लगा कि पीड़ितों का दर्द नज़रअंदाज़ हो रहा है। इसलिए उन्होंने खत के जरिए सवाल उठाया कि क्या कला केवल राजाओं की वीरता दिखाने के लिए है? स्वरा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध फिल्म की कलात्मकता से नहीं, बल्कि उस नज़रिए से है जो स्त्री के सम्मान को केवल बलिदान तक सीमित कर देता है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी कहानियां कहते समय पीड़ितों के नज़रिए को भी जगह दी जाए। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने स्वरा का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने साहस दिखाया। वहीं कुछ ने इसे फिल्म के प्रचार का हिस्सा बताया। स्वरा ने कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं और आगे भी ऐसे मुद्दों पर बोलती रहेंगी। फिल्म 'पद्मावत' 2018 में रिलीज़ हुई थी और उस समय भी विवादों में रही थी। स्वरा का ताज़ा बयान उस पुराने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। जानकार मानते हैं कि इस तरह के संवाद समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — बॉलीवुड
समाचार स्रोत: अमर उजाला — बॉलीवुड

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