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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास बाघ ने किसान को मारा, ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

17/8/2026, 9:56:27 am
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास बाघ ने किसान को मारा, ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के किनारे बसे गांव में मंगलवार की सुबह एक बाघ ने खेत में काम कर रहे 45 वर्षीय किसान रामकुमार यादव पर हमला कर दिया। रामकुमार यादव अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य थे। किसान अपने खेत में धान की रोपाई कर रहा था जब बाघ अचानक झाड़ियों से निकलकर उस पर झपट पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार बाघ ने किसान को घसीटकर जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की, लेकिन शोर मचाने पर वह भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत लाठी और डंडे लेकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन बाघ तेजी से जंगल की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के दफ्तर के सामने धरना दिया और बाघ को पकड़ने या मारने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। वन विभाग के अधिकारियों ने तुरंत एक टीम भेजी जिसमें वन्यजीव विशेषज्ञ और पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और बाघ के पैरों के निशान जुटाए। टीम ने बाघ के संभावित ठिकाने को चिह्नित करने के लिए कैमरा ट्रैप भी लगाए। अधिकारियों ने बताया कि बाघ वाल्मीकि रिजर्व के कोर एरिया से बाहर निकल आया था, शायद भोजन की तलाश में। उन्होंने ग्रामीणों को शांत रहने और रात में खेतों में न जाने की सलाह दी। वन अधिकारी ने कहा कि बाघ की उम्र लगभग चार साल है और वह स्वस्थ दिख रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह महीनों में इस इलाके में बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है। उन्होंने सरकार से स्थायी समाधान जैसे बाड़ लगाने और मुआवजा देने की मांग की। पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें अब तक कोई सरकारी मदद नहीं मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना पर दुख जताया और वन विभाग को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके घटना की निंदा की और त्वरित जांच का आदेश दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के लिए कॉरिडोर बनाना और ग्रामीणों को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाघ को मारना अंतिम विकल्प होना चाहिए। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि गांवों के चारों ओर सौर ऊर्जा से चलने वाली बाड़ लगाई जाए। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल तैनात है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक बाघ को सुरक्षित पकड़ नहीं लिया जाता, वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और किसी भी हिंसा पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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