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टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में बसा: दलीप ट्रॉफी फाइनल पहुंचाने के बाद बोले तिलक वर्मा

2/9/2026, 1:33:53 am
टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में बसा: दलीप ट्रॉफी फाइनल पहुंचाने के बाद बोले तिलक वर्मा
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तिलक वर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर की हैं। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन पर जीत दर्ज कर साउथ जोन को फाइनल में पहुंचाने के बाद उन्होंने कहा, "टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में बसा है।" भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक इस टूर्नामेंट में साउथ जोन की अगुआई कर रहे हैं। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी, दोनों ही टीम के काम आईं। सेमीफाइनल मुकाबले में तिलक ने मध्यक्रम में उपयोगी पारी खेली। मुश्किल हालात में उन्होंने पारी को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फील्डिंग में भी उन्होंने मिसाल कायम की। नॉर्थ जोन के खिलाफ जीत के बाद तिलक ने मीडिया से बात की। उनका कहना था, "बचपन से मैं टेस्ट क्रिकेट देखते हुए बड़ा हुआ हूं। पांच दिन का खेल अलग ही रोमांच देता है। इसमें हर सत्र नई कहानी कहता है। धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती — ये तीनों यहां परखे जाते हैं।" अपने मजबूत पक्ष पर तिलक बोले, "स्पिन खेलना मेरी ताकत है। मैं स्पिनर्स के खिलाफ सहज महसूस करता हूं। क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेल सकता हूं। साथ ही परिस्थिति के हिसाब से खेल बदलना जानता हूं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है। 2023-24 रणजी सीजन में हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने कई शतक ठोके थे। मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में भी मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है। साउथ जोन के कोच ने तिलक की कप्तानी की सराहना की। "युवा टीम को उन्होंने बहुत अच्छे से संभाला। सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करते हुए अपनी रणनीति लागू की। फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजी बदलाव में परिपक्वता दिखी।" फाइनल में साउथ जोन का सामना वेस्ट जोन या सेंट्रल जोन की विजेता टीम से होगा। तिलक ने कहा, "फाइनल के लिए हम तैयार हैं। एक मैच और जीतना है।" चयनकर्ताओं की नजर तिलक पर टिकी है। भारतीय टेस्ट टीम को मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज की तलाश लंबे समय से है। श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की फिटनेस अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में तिलक मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हाल ही में कहा था, "तिलक के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक और स्वभाव है। घरेलू क्रिकेट में उसने रन बनाए हैं।" तिलक ने भविष्य को लेकर स्पष्ट रुख रखा। "जब भी मौका मिलेगा, मैं तैयार रहूंगा। टेस्ट कैप पहनना हर क्रिकेटर का सपना होता है। मेरा भी है। फिलहाल ध्यान दलीप ट्रॉफी फाइनल पर है। एक-एक मैच पर फोकस रखूंगा।" उनका यह बयान भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह जगाने वाला है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ी को जब मौका मिलेगा, तो वह उसे दोनों हाथों से लपकना चाहेगा। दलीप ट्रॉफी फाइनल अगले सप्ताह खेला जाएगा। तिलक की कप्तानी और बल्लेबाजी, दोनों पर निगाहें रहेंगी। अगर साउथ जोन खिताब जीतती है, तो तिलक का दावा और मजबूत होगा। भारतीय टीम का अगला टेस्ट असाइनमेंट इंग्लैंड दौरा है। वहां की परिस्थितियों में बाएं हाथ का बल्लेबाज उपयोगी साबित हो सकता है। तिलक ने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ इंडिया ए के लिए खेलते हुए भी रन बनाए थे। उनका आत्मविश्वास चरम पर है। फैंस को अब चयनकर्ताओं के फैसले का इंतजार है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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