लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

ट्रंप ने AI वीडियो से खर्ग आइलैंड तबाही का दावा किया, विशेषज्ञों ने बताया फर्जी

31/8/2026, 4:16:34 am
ट्रंप ने AI वीडियो से खर्ग आइलैंड तबाही का दावा किया, विशेषज्ञों ने बताया फर्जी
Original publisher image
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक एआई‑जनित वीडियो पोस्ट किया जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के हालिया हमले के बाद खर्ग आइलैंड पूरी तरह तबाह हो गया। खर्ग आइलैंड फ़ारस की खाड़ी में स्थित ईरान का सबसे बड़ा तेल टर्मिनल है और विश्व ऊर्जा बाज़ार के लिए अहम है। ट्रंप ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा कि ‘खर्ग आइलैंड के टुकड़े‑टुकड़े कर दिए गए हैं’, लेकिन विशेषज्ञों ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह फ़ुटेज असली नहीं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाया गया एक सिमुलेशन है। ईरान ने पिछले हफ्ते जॉर्डन में एक सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। ट्रंप का वीडियो उस घटना के बाद आया और इसे कई समाचार चैनलों ने बिना पुष्टि के प्रसारित कर दिया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। कुछ यूज़र्स ने इसे गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया, जबकि ट्रंप के समर्थकों ने इसे ‘सच का खुलासा’ बताया। भारत के विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी भ्रामक सामग्री बाज़ार में अनावश्यक अस्थिरता पैदा कर सकती है। वीडियो की प्रमाणिकता जांचने के लिए कई स्वतंत्र फैक्ट‑चेक संगठनों ने इसे ‘फर्जी’ घोषित किया है और लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें। उपग्रह तस्वीरों से साफ होता है कि खर्ग आइलैंड पर कोई बड़ा धमाका नहीं हुआ और तेल निर्यात सामान्य चल रहा है। ट्रंप पहले भी कई मौकों पर एआई‑जनित सामग्री साझा कर चुके हैं, जिसे आलोचक गलत सूचना फैलाने का जरिया बताते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने वीडियो को ‘अफवाह’ करार दिया और कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति को खतरा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने भी बयान जारी कर कहा कि बाज़ार पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि तेल आपूर्ति जारी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे डीपफेक वीडियो पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता भ्रमित न हो। भारतीय तेल कंपनियों ने भी कहा कि खर्ग आइलैंड की स्थिति से उनके आयात पर कोई असर नहीं पड़ा है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित