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ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रणाली को बताया मिसाल, अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग तेज

18/8/2026, 12:20:13 am
ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रणाली को बताया मिसाल, अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग तेज
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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ करते हुए अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में करोड़ों मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फोटो आईडी कार्ड का इस्तेमाल होता है, तो अमेरिका में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखे पोस्ट में दावा किया कि भारत का चुनाव आयोग मतदान के समय हर वोटर से फोटो पहचान पत्र मांगता है। इससे फर्जी वोटिंग रुकती है और चुनाव की विश्वसनीयता बनी रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत यह कर सकता है, तो दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने का दावा करने वाला अमेरिका इससे पीछे क्यों रहे। अमेरिका में वोटर आईडी कानून लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। रिपब्लिकन पार्टी का तर्क है कि फर्जी मतदान रोकने के लिए फोटो आईडी जरूरी है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि ऐसे कानूनों से गरीब, बुजुर्ग और अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट डालने में दिक्कत आती है। फिलहाल अमेरिका के 36 राज्यों में किसी न किसी रूप में वोटर आईडी का नियम लागू है, लेकिन संघीय स्तर पर कोई समान कानून नहीं है। भारत में 1993 से मतदाता पहचान पत्र (EPIC) जारी किए जा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में 90 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग सभी के पास फोटो आईडी कार्ड था। चुनाव आयोग मतदान केंद्र पर पहचान पत्र के अलावा आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे 12 वैकल्पिक दस्तावेज भी स्वीकार करता है। ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में फिर बहस तेज हो गई है। रिपब्लिकन सांसदों ने इसे अपने अभियान का हथियार बनाना शुरू कर दिया है, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसे मतदाता दमन की साजिश बताया है। जानकारों का मानना है कि भारत का उदाहरण देकर ट्रंप अपने समर्थकों को गोलबंद करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि 2024 के चुनाव में उन्होंने धांधली के आरोप लगाए थे।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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