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ट्रंप के डाक मतदान आदेश पर रोक, प्रशासन ने दायर की अपील

28/8/2026, 9:17:13 pm
ट्रंप के डाक मतदान आदेश पर रोक, प्रशासन ने दायर की अपील
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक और बड़ा झटका लगा है। एक संघीय अदालत ने उनके डाक मतदान आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है। यह आदेश पिछले सप्ताह जारी किया गया था और इसे तुरंत लागू करने का निर्देश दिया गया था। जज ने अपने फैसले में कहा कि आदेश संविधान के अनुच्छेद एक का उल्लंघन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती है। केंद्र सरकार बिना संसद की मंजूरी के ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकती। अदालत ने यह भी नोट किया कि आदेश से मतदाताओं के मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं। प्रशासन ने फैसले के खिलाफ तुरंत अपील दायर की है। अपील में दावा किया गया है कि रोक से चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होगी। सरकार का तर्क है कि डाक मतदान को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित करना आवश्यक है। कई राज्यों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। राज्य अधिकारियों ने कहा कि इससे स्थानीय चुनाव प्रशासन को स्वतंत्रता मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्णय मतदान की पारदर्शिता बढ़ाएगा। ट्रंप के समर्थक इस फैसले को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ अभियान शुरू किया है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि अपील की सुनवाई कई महीने तक चल सकती है। तब तक डाक मतदान की मौजूदा प्रक्रिया जारी रहेगी। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। चुनाव आयोग ने कहा कि वह अदालत के निर्देशों का पालन करेगा। मतदाताओं से अपील है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। ट्रंप ने पिछले महीने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था जिसमें सभी राज्यों को डाक मतदान की प्रक्रिया को एक समान बनाने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश का उद्देश्य मतदान में धोखाधड़ी रोकना बताया गया था। हालांकि कई राज्यों ने इसका विरोध किया था। नागरिक अधिकार संगठनों ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करता है। संगठनों ने आगे की कानूनी लड़ाई में सहयोग का वादा किया है। सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर होने की संभावना है अगर निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है। इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं और चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। देश भर के मतदाता अब अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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