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ट्रंप को फिर झटका: हश मनी केस में सजा माफ कराने की याचिका खारिज, जज ने सुनाई खरी-खरी

28/8/2026, 6:11:39 am
ट्रंप को फिर झटका: हश मनी केस में सजा माफ कराने की याचिका खारिज, जज ने सुनाई खरी-खरी
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न्यूयॉर्क की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया। जज जुआन मर्चेन ने ट्रंप की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने 'हश मनी' मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को खत्म करने की मांग की थी। यह फैसला ट्रंप के लिए कानूनी मोर्चे पर एक और नाकामी है। मामला 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 1 लाख 30 हजार डॉलर चुपके से देने का है। ट्रंप पर आरोप था कि उन्होंने इस भुगतान को कारोबारी रिकॉर्ड में गलत तरीके से दर्ज कराया। इसी साल मई में जूरी ने उन्हें 34 मामलों में दोषी ठहराया था। किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ यह पहला आपराधिक मुकदमा था जिसमें दोषसिद्धि हुई। ट्रंप के वकीलों ने दलील दी थी कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मुताबिक राष्ट्रपति को आधिकारिक कार्यों के लिए छूट मिलती है, इसलिए इस केस में सबूत के तौर पर इस्तेमाल कुछ गवाहियां और दस्तावेज अमान्य हैं। लेकिन जज मर्चेन ने इस तर्क को नहीं माना। उन्होंने साफ कहा कि ट्रंप जिन कागजात और गवाहियों की बात कर रहे हैं, वे आधिकारिक राष्ट्रपति कर्तव्यों से जुड़े नहीं थे। जज ने अपने 41 पन्नों के आदेश में लिखा, "प्रतिवादी की दलीलें अनुमान पर टिकी हैं, ठोस कानूनी आधार पर नहीं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सजा पर रोक जारी रहेगी, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार है। ट्रंप की सजा की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ट्रंप ने फैसले को 'राजनीतिक साजिश' बताया और कहा कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। उनके प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने बयान जारी कर इसे 'न्याय का उपहास' कहा। वहीं मैनहट्टन के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 'कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।' यह मामला ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के बीच आया है। कानूनी जानकार मानते हैं कि दोषसिद्धि बरकरार रहने से उनके अभियान पर असर पड़ सकता है, लेकिन उनके समर्थक आधार पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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