लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

ट्रेड वार्ता टूटने के बाद ट्रंप ने कनाडा को ‘सबसे बड़ा शोषणकर्ता’ बताया

31/8/2026, 2:05:41 am
ट्रेड वार्ता टूटने के बाद ट्रंप ने कनाडा को ‘सबसे बड़ा शोषणकर्ता’ बताया
Original publisher image
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर तीखा हमला बोला है और उसे ‘सबसे बड़ा शोषणकर्ता’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ चल रही व्यापार वार्ता अचानक टूट गई, जिसके बाद उन्हें इस देश के बारे में बुरा लग रहा है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिकी कंपनियों से अनुचित शुल्क वसूल रहा है और अपने बाजार में मनमानी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कनाडा की नीतियों से अमेरिकी उद्योग को नुकसान हो रहा है और रोजगार घट रहे हैं। इसके जवाब में ट्रंप ने अमेरिकी कारोबारियों से अपील की कि वे अपने प्लांट, गोदाम और दफ्तर कनाडा से हटाकर संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से नौकरियां बचेंगी, उत्पादन लागत कम होगी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कनाडा सरकार ने अभी तक ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की यह बयानबाजी आगामी चुनावी माहौल में अपने समर्थकों को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंध अब भी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बने हुए हैं। कनाडा अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में गहरा सहयोग है। अगर तनाव बढ़ता है तो दोनों पक्षों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, खासकर छोटे उद्योगों को। आने वाले हफ्तों में देखना होगा कि वार्ता फिर से शुरू होती है या फिर दोनों देश एक-दूसरे पर अधिक शुल्क लगाते हैं। ट्रंप ने यह भी धमकी दी कि अगर कनाडा अपने शुल्क ढांचे में बदलाव नहीं करता तो अमेरिका नए टैरिफ लगा सकता है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पहले कहा था कि दोनों देश मिलकर विवाद सुलझा सकते हैं, लेकिन अब स्थिति बिगड़ती दिख रही है। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने चेताया कि टैरिफ युद्ध से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान होगा और उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा। कुछ अमेरिकी कंपनियों ने पहले ही कनाडा से उत्पादन हटाने की योजना बनाई है, जिससे वहां रोजगार प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, कनाडा के निर्यातक अमेरिकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए नए समझौते तलाश रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर लौटते हैं तो एक संतुलित समझौता संभव है। फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखे हुए हैं, लेकिन सार्वजनिक बयानबाजी तनाव बढ़ा रही है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित