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ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का प्रस्ताव दिया

2/9/2026, 5:15:44 am
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का प्रस्ताव दिया
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर देना चाहिए। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और विश्व के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा यहाँ से गुजरता है। ट्रंप ने इससे पहले भी ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ नाम से मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने का सुझाव दिया था। उस प्रस्ताव पर भी कड़ी प्रतिक्रिया आई थी। अब होर्मुज का नाम बदलने की बात कहकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फिर से चौंका दिया है। व्हाइट हाउस के पूर्व प्रवक्ता ने ट्रंप के बयान को ‘व्यक्तिगत राय’ बताते हुए कहा कि इस तरह के नाम परिवर्तन के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौते और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी जरूरी होती है। ईरान, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उनका कहना है कि जलडमरूमध्य का नाम ऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों पर आधारित है, किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान घरेलू राजनीति में अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। वे अपने समर्थकों को दिखाना चाहते हैं कि वे वैश्विक मंच पर भी अमेरिकी हितों को आगे रखते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी जलमार्ग का नाम बदलना एक लंबी प्रक्रिया है और इसके लिए सभी संबंधित देशों की सहमति आवश्यक होती है। भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद अहम है क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। किसी भी नाम परिवर्तन से नौवहन चार्ट, बीमा और अंतरराष्ट्रीय संधियों में बदलाव की जरूरत पड़ेगी, जिससे अतिरिक्त खर्च और प्रशासनिक जटिलताएँ बढ़ सकती हैं। फिलहाल ट्रंप के प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय संगठन और संबंधित देश इस मुद्दे पर नजर रख रहे हैं। आगे की घटनाक्रम से पता चलेगा कि यह प्रस्ताव केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या कोई ठोस कदम उठाया जाता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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