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ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम 'लेक अमेरिका' किया, कनाडा से तनाव गहराया

27/8/2026, 6:07:20 am
ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम 'लेक अमेरिका' किया, कनाडा से तनाव गहराया
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश जारी कर ओंटारियो झील का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने की घोषणा की। यह झील पांच ग्रेट लेक्स में से एक है और अमेरिका-कनाडा सीमा पर स्थित है। व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया कि यह फैसला 'अमेरिकी संप्रभुता और जल संसाधनों पर अधिकार' दर्शाता है। कनाडा ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसे 'एकतरफा और उकसाने वाला' बताया। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि किसी साझा जल निकाय का नाम बदलने से पहले दोनों देशों की सहमति जरूरी है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जल संधि का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने नाम बदलने की वजह 'राष्ट्रीय गौरव' और 'आर्थिक सुरक्षा' बताई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि झील के अमेरिकी हिस्से में व्यापार और पर्यटन बढ़ाने के लिए यह पहचान जरूरी है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला कनाडा पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में लकड़ी, डेयरी और ऑटो पार्ट्स पर शुल्क को लेकर तनाव चल रहा है। सीमा पर अवैध प्रवासन और दवा तस्करी के मुद्दे भी गरम हैं। ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही कनाडाई स्टील और एल्युमीनियम पर 50% शुल्क लगाने की धमकी दी थी। ओंटारियो झील का नाम 1600 के दशक से चला आ रहा है। यह इरोक्वॉइस भाषा के 'कनाडारियो' शब्द से बना है, जिसका अर्थ 'चमकता पानी' होता है। स्थानीय मूलनिवासी समूहों ने भी नाम बदलने का विरोध किया है। अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट सांसदों ने इसे 'प्रतीकात्मक राजनीति' बताया जो असल समस्याओं से ध्यान भटकाती है। रिपब्लिकन खेमे में भी मतभेद हैं। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने समर्थन किया, जबकि सीनेटर सुसान कॉलिंस ने इसे 'अनावश्यक उकसावा' कहा। कानूनी जानकारों का कहना है कि कार्यकारी आदेश से अंतरराष्ट्रीय मानचित्रों पर नाम नहीं बदलेगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन और संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी चाहिए। कनाडा पहले ही इन मंचों पर आपत्ति दर्ज करा चुका है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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