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ट्रंप ने रूस-ईरान प्रतिबंध बिल पर किए दस्तखत, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का रास्ता खुला

19/9/2026, 12:00:23 am
ट्रंप ने रूस-ईरान प्रतिबंध बिल पर किए दस्तखत, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का रास्ता खुला
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस और ईरान के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों वाले विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए। इस कानून का असर भारत और चीन पर भी पड़ेगा क्योंकि इसमें दोनों देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक बिल का मकसद रूस की युद्ध क्षमता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना है। लेकिन इसमें एक ऐसा प्रावधान जोड़ा गया है जो उन देशों को निशाना बनाता है जो रूस या ईरान से तेल, गैस या सैन्य साजो-सामान खरीदते हैं। भारत और चीन दोनों ही रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और रक्षा उपकरण खरीदते हैं। ट्रंप ने बिल पर दस्तखत करते हुए कहा, "हम उन देशों को नहीं बख्शेंगे जो हमारे दुश्मनों की मदद करते हैं।" उन्होंने सीधे भारत और चीन का नाम नहीं लिया लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया कि नए टैरिफ अधिकार इन्हीं दो अर्थव्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। भारत के लिए यह दोहरी चुनौती है। एक तरफ रूस से सस्ता तेल खरीदना उसकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है, दूसरी तरफ अमेरिका उसका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। 2023-24 में भारत ने अमेरिका को 77 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात किया था। अगर 100% टैरिफ लगा तो दवा, आईटी सेवाएं, कपड़ा और इंजीनियरिंग सामान जैसे सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होंगे। चीन पहले से ही अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर झेल रहा है। नए प्रतिबंध उसकी मुश्किलें और बढ़ाएंगे। बीजिंग ने बयान जारी कर इसे "एकतरफा धौंस" बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। भारत सरकार ने अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हित के हिसाब से फैसला लेगी। कूटनीतिक जानकार मानते हैं कि भारत अमेरिका से छूट (वाइवर) मांग सकता है जैसा उसने पहले भी CAATSA कानून के तहत किया था। अगले कुछ हफ्तों में अमेरिकी वित्त और वाणिज्य मंत्रालय मिलकर टैरिफ लागू करने की प्रक्रिया तय करेंगे। तब तक भारतीय उद्योग और सरकार दोनों ही हालात पर नजर रखे हुए हैं।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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