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अमेरिका में बढ़ते डे‑केयर खर्च: मिलेनियल माता‑पिता बच्चों के बीच 3-4 साल का अंतर रख रहे हैं

20/8/2026, 1:16:47 am
अमेरिका में बढ़ते डे‑केयर खर्च: मिलेनियल माता‑पिता बच्चों के बीच 3-4 साल का अंतर रख रहे हैं
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अमेरिका में डे‑केयर की फीस पिछले पाँच साल में करीब चालीस प्रतिशत बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण श्रमिकों की कमी, बढ़ता किराया और ऑपरेशनल खर्च में वृद्धि है। मिलेनियल माता‑पिता अक्सर उच्च शिक्षा कर्ज और घर की खरीद के बोझ तले होते हैं, इसलिए वे बच्चों के बीच अधिक समय रखने पर विचार कर रहे हैं। सर्वेक्षणों में दिखा है कि लगभग पैंतीस प्रतिशत युवा जोड़े तीसरे या चौथे बच्चे की योजना बनाते समय अंतर को तीन से चार साल तक बढ़ा रहे हैं। एक मध्यम आकार के शहर में फुल‑टाइम डे‑केयर की मासिक लागत अब बारह सौ डॉलर के आसपास पहुंच गई है। इस राशि का औसत मिलेनियल परिवार की मासिक आय का लगभग तीस प्रतिशत हिस्सा होता है। जब बचत का बड़ा भाग डे‑केयर में जाता है तो आपात निधि बनाना और भविष्य की योजना बनाना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के बीच का gap छोटा होने पर दोनों की देखभाल एक साथ करनी पड़ती है, जिससे खर्च दोगुना हो जाता है। इसलिए कई माता‑पिता पहले बच्चे को स्कूल भेजने तक इंतज़ार करते हैं, ताकि दूसरे के लिए डे‑केयर की ज़रूरत कम हो। लंबा gap रखने से भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे बढ़ती उम्र में बच्चे पैदा करने का जोखिम बढ़ना और भाई‑बहन के बीच भावनात्मक दूरी बनना। सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं कि सरकार को सब्सिडी बढ़ाना, कर राहत देना और सार्वजनिक प्री‑स्कूल सीटें विस्तारित करना चाहिए। कुछ राज्यों ने पहले ही इस दिशा में कदम उठाए हैं परंतु उनकी पहुंच अभी सीमित रहती है। कैलिफ़ोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में डे‑केयर सब्सिडी कार्यक्रम चल रहे हैं, लेकिन आवेदन प्रक्रिया जटिल होने के कारण कई पात्र परिवार इसका लाभ नहीं ले पाते हैं। कुछ नियोक्ता अब अपने कर्मचारियों को डे‑केयर खाते प्रदान कर रहे हैं, जिससे प्री‑टैक्स धन जमा करके खर्च कम किया जा सकता है। ये विकल्प हालांकि सीमित हैं और अधिकतर कम आय वाले परिवारों तक नहीं पहुँच पाते। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबा gap बच्चों की विकासात्मक जरूरतों को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि बड़े भाई‑बहन अक्सर छोटे की देखभाल में लग जाते हैं, जिससे उनका eigenes खेलने और सीखने का समय घट जाता है। अंत में मिलेनियल माता‑पिता अपने आर्थिक संतुलन को प्राथमिकता दे रहे हैं और बच्चों के बीच के अंतर को एक व्यावहारिक समाधान मान रहे हैं। यदि भविष्य में दिन‑केयर लागत में स्थिरता आती है तो यह रुझान धीरे‑धीरे बदल सकता है, लेकिन फिलहाल यह आर्थिक दबाव का जवाब बन चुका है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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