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अमेरिका में H-1B का 60 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म करने की तैयारी, भारतीय पेशेवरों पर सीधा असर

29/8/2026, 3:44:02 am
अमेरिका में H-1B का 60 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म करने की तैयारी, भारतीय पेशेवरों पर सीधा असर
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अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे लाखों भारतीय पेशेवरों के लिए बुरी खबर आ रही है। ट्रंप प्रशासन ने उस प्रस्ताव की समीक्षा पूरी कर ली है जिसमें नौकरी जाने पर मिलने वाली 60 दिन की राहत अवधि को खत्म करने की बात कही गई है। अगर यह नियम लागू हुआ तो नौकरी छूटते ही भारतीय कामगारों को तुरंत देश छोड़ना पड़ सकता है या फिर नया रोजगार ढूंढने के लिए बेहद कम वक्त मिलेगा। मौजूदा नियम के तहत H-1B वीजा धारक को नौकरी से निकाले जाने पर 60 दिन की ग्रेस पीरियड मिलती है। इस दौरान वह नई नौकरी तलाश सकता है, वीजा स्टेटस बदल सकता है या फिर वापस लौटने की तैयारी कर सकता है। लेकिन नए प्रस्ताव में इस छूट को पूरी तरह हटाने का प्रावधान है। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक व्हाइट हाउस के बजट कार्यालय ने प्रस्ताव की समीक्षा पूरी कर ली है और अब इसे फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित करने के लिए भेजा जा सकता है। भारतीय आईटी पेशेवरों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अमेरिका में H-1B वीजा का सबसे बड़ा हिस्सा भारतीयों के पास ही है। साल 2023 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 72 फीसदी H-1B वीजा भारतीय नागरिकों को जारी हुए थे। बड़ी टेक कंपनियों में छंटनी का दौर जारी है। ऐसे में ग्रेस पीरियड खत्म होने से हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन की 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' नीति का हिस्सा है। इससे पहले भी H-1बी वीजा की लॉटरी प्रणाली में बदलाव, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और वीजा अवधि घटाने जैसे कई प्रस्ताव लाए जा चुके हैं। नया नियम अगर लागू होता है तो कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा क्योंकि उन्हें विदेशी कर्मचारी को निकालने से पहले ज्यादा सतर्क रहना होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। लेकिन जानकार मानते हैं कि भारत सरकार राजनयिक चैनलों के जरिए इस मुद्दे को उठा सकती है। फिलहाल भारतीय पेशेवरों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने वीजा स्टेटस पर नजर रखें और बैकअप प्लान तैयार रखें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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