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ट्रंप के 'तूफान से पहले की शांति' वाले ट्वीट से पश्चिम एशिया में हड़कंप: क्या अमेरिका फिर ईरान पर वार करेगा?

17/5/2026, 3:46:55 am
ट्रंप के 'तूफान से पहले की शांति' वाले ट्वीट से पश्चिम एशिया में हड़कंप: क्या अमेरिका फिर ईरान पर वार करेगा?
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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का माहौल एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट के बाद पश्चिम एशिया में हलचल मच गई है। ट्रंप ने ट्वीट किया, 'तूफान से पहले की शांति'। उनके इस ट्वीट का मतलब क्या है, इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि वे किस तूफान की बात कर रहे हैं, लेकिन जानकार इस ट्वीट को ईरान पर किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की ओर संकेत मान रहे हैं। इस ट्वीट के आने के बाद, ईरान ने भी जवाबी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री जवाद Zarif ने कहा कि 'तूफान' उनके देश पर हमला होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान ईरान पर कोई हमला नहीं होगा, लेकिन भविष्य में ऐसा हो सकता है। Zarif के इस बयान से स्थिति और भी गंभीर हो गई है, और यह संकेत मिल रहा है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के बजाय सैन्य टकराव का रास्ता अपनाया जा सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण है कि हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लगातार खराब होते रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई है और उस पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए हैं। इसके जवाब में, ईरान ने भी कुछ सख्त कदम उठाए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही अस्थिरता का माहौल है। ऐसे में, ट्रंप का यह रहस्यमयी ट्वीट इस क्षेत्र में अनिश्चितता को और बढ़ा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उन्हें अंदरूनी तौर पर फायदा पहुंचा सकता है। जैसे-जैसे अमेरिका में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे कड़े बयान राष्ट्रपति ट्रंप को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मजबूत दिखाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर पश्चिम एशिया में, जहां पहले से ही कई संघर्ष चल रहे हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए और बातचीत के माध्यम से“समाधान” निकाला जाना चाहिए। यह देखना बाकी है कि ट्रंप प्रशासन इस“तूफान” को कैसे संभालता है और पश्चिम एशिया का भविष्य क्या होता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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