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अमेरिका H‑1B वीजा धारकों की 60 दिन की मोहलत खत्म करने की तैयारी में
10/9/2026, 6:27:07 am

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अमेरिका में H‑1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी पेशेवरों को अब तक नौकरी छूटने पर 60 दिन की मोहलत मिलती थी। इस अवधि में वे नई नौकरी ढूंढ सकते थे या अपना वीजा स्टेटस बदल सकते थे।
ट्रंप प्रशासन ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है जिसमें इस 60 दिन की छूट को पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई है। प्रस्ताव के मुताबिक नौकरी जाने के तुरंत बाद वीजा धारक को देश छोड़ना होगा, वरना उसका वीजा रद्द कर दिया जाएगा और उसे अवैध माना जा सकता है।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर भारतीय आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा जो H‑1B पर अमेरिका में काम करते हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को प्रतिभा बनाए रखने में दिक्कत आएगी और कई कर्मचारी स्वदेश लौटने को मजबूर होंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2023 में करीब 3 लाख भारतीय नागरिकों को H‑1B वीजा जारी किया गया था, जो कुल वीजा का लगभग 70 प्रतिशत है। इस बड़ी संख्या के कारण किसी भी नियम परिवर्तन का सीधा असर भारतीय टेक समुदाय पर पड़ेगा।
प्रवास वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि यह नियम अंतिम रूप लेता है तो वीजा धारकों के पास कानूनी विकल्प बहुत कम रह जाएंगे और उन्हें जल्दी फैसला लेना पड़ेगा। कुछ राज्य सरकारें और उद्योग संगठन इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने पहले ही इस प्रस्ताव को 'अनावश्यक सख्ती' बताया है और कहा है कि यह अमेरिकी कंपनियों की नवाचार क्षमता को कमजोर करेगा। उन्होंने संसद में विधेयक लाने की बात कही है ताकि ग्रेस पीरियड को बनाए रखा जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्ताव लागू होने पर अदालतों में कई मुकदमे दायर हो सकते हैं क्योंकि यह मौजूदा आव्रजन कानून के विपरीत हो सकता है। इससे अनिश्चितता बढ़ेगी और कंपनियों को भर्ती योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर नजर रखी है और अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखने का संकेत दिया है। सरकार का कहना है कि वह भारतीय पेशेवरों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
फिलहाल यह प्रस्ताव सार्वजनिक टिप्पणी के लिए खुला है और अंतिम फैसला आने वाले महीनों में लिया जा सकता है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह अमेरिकी प्रवास नीति में सबसे कड़े बदलावों में से एक माना जाएगा।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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