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अमेरिका में रूस प्रतिबंध विधेयक आगे बढ़ा, भारत पर 100% टैरिफ की धमकी

16/9/2026, 12:52:19 am
अमेरिका में रूस प्रतिबंध विधेयक आगे बढ़ा, भारत पर 100% टैरिफ की धमकी
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अमेरिकी संसद में रूस के खिलाफ नया प्रतिबंध विधेयक तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम की अगुवाई में लाया गया यह बिल रूस से तेल, गैस और यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान करता है। भारत इस सूची में प्रमुख है क्योंकि वह रूसी कच्चे तेल का बड़ा खरीदार बना हुआ है। विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि जो भी देश रूसी ऊर्जा क्षेत्र में लेन-देन जारी रखेंगे, उनके अमेरिकी निर्यात पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक रैली में दोहराया कि अगर वे दोबारा चुने जाते हैं तो ऐसे देशों पर "पूरा 100 प्रतिशत शुल्क" थोपेंगे। उनका सीधा इशारा भारत, चीन और तुर्की जैसे बड़े खरीदारों की ओर था। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार कीमतों पर आधारित है। विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही कह चुके हैं कि नई दिल्ली किसी एकतरफा प्रतिबंध को मानने के लिए बाध्य नहीं है। इसके बावजूद, अमेरिकी कांग्रेस में दोनों दलों का समर्थन इस बिल को गति दे रहा है। सीनेट की विदेश संबंध समिति ने पिछले हफ्ते बिल को 19-3 के बहुमत से पारित किया। अब पूरा सदन इस पर मतदान करेगा। जानकारों के मुताबिक अगले दो हफ्तों में फाइनल वोट हो सकता है। अगर बिल कानून बनता है तो राष्ट्रपति के पास छूट देने का अधिकार होगा, लेकिन उसकी सीमाएं तय होंगी। भारतीय उद्योग जगत चिंतित है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। 100% टैरिफ लगने पर दवा, कपड़ा, आईटी सेवाओं और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली कूटनीतिक चैनलों से वॉशिंगटन को अपनी स्थिति समझा रही है। उधर, रूस ने बिल को "गैरकानूनी दबाव" करार दिया है। क्रेमलिन का कहना है कि ऊर्जा व्यापार में जबरन रुकावट डालने से वैश्विक बाजार अस्थिर होंगे। फिलहाल सबकी नजर सीनेट के आगामी मतदान पर टिकी है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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