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अमेरिका में बदली सोच: 13 राज्यों ने दी बच्चों को अकेले खेलने की कानूनी छूट

18/8/2026, 1:51:40 am
अमेरिका में बदली सोच: 13 राज्यों ने दी बच्चों को अकेले खेलने की कानूनी छूट
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अमेरिका में बच्चों की परवरिश को लेकर एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव आकार ले रहा है। अब तक 13 राज्यों ने ऐसे कानून बना दिए हैं जो माता-पिता को अपने बच्चों को अकेले पार्क में खेलने, स्कूल पैदल जाने या घर पर बिना वयस्क निगरानी के रहने की कानूनी सुरक्षा देते हैं। इन कानूनों को 'रीज़नेबल चाइल्डहुड इंडिपेंडेंस' या 'फ्री-रेंज पेरेंटिंग' विधेयक कहा जाता है। शुरुआत 2018 में यूटा से हुई, जहां पहला ऐसा कानून पारित हुआ। उसके बाद ओक्लाहोमा, टेक्सास, कोलोराडो, कनेक्टिकट, वर्जीनिया, इलिनोइस, मोंटाना, एरिज़ोना, जॉर्जिया, साउथ कैरोलाइना, मिशिगन और नेब्रास्का ने भी इसी तर्ज पर नियम बनाए। इन राज्यों का तर्क है कि बच्चों को छोटे-छोटे जोखिम उठाने और खुद फैसले लेने का मौका मिलना चाहिए — यह उनके मानसिक विकास, आत्मविश्वास और समस्या सुलझाने की क्षमता के लिए जरूरी है। पहले कई राज्यों में 'उपेक्षा' की परिभाषा इतनी व्यापक थी कि अगर कोई पड़ोसी 8 साल के बच्चे को अकेले पार्क में देख लेता, तो पुलिस या बाल कल्याण विभाग माता-पिता पर केस दर्ज कर सकता था। नए कानून साफ करते हैं कि उम्र और परिपक्वता के मुताबिक बच्चे को अकेले छोड़ना अपराध नहीं है, बशर्ते बच्चे की बुनियादी जरूरतें पूरी हों और उसे गंभीर खतरा न हो। समर्थकों का कहना है कि 'हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग' यानी हर पल निगरानी वाली परवरिश से बच्चों में चिंता, अवसाद और आत्मनिर्भरता की कमी बढ़ रही है। मनोवैज्ञानिक पीटर ग्रे जैसे विशेषज्ञ लंबे समय से चेताते आए हैं कि खेल की आजादी छीनने से बचपन ही संकुचित हो रहा है। हालांकि आलोचक सावधान करते हैं कि कानूनी छूट का मतलब लापरवाही नहीं होना चाहिए। बाल सुरक्षा संगठन चाहते हैं कि समुदाय और स्कूल भी जिम्मेदारी साझा करें, ताकि आजादी सुरक्षा की कीमत पर न मिले। भारतीय संदर्भ में यह बहस दिलचस्प है, जहां संयुक्त परिवार और मोहल्ले की निगरानी परंपरागत रूप से बच्चों को 'सुरक्षित आजादी' देती आई है। अमेरिका का यह कदम याद दिलाता है कि बचपन को सिर्फ निगरानी नहीं, थोड़ा भरोसा भी चाहिए।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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