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अमेरिका ने छात्र वीज़ा सीमा रोकी, सेना प्रमुख रूस रवाना

15/9/2026, 11:46:59 pm
अमेरिका ने छात्र वीज़ा सीमा रोकी, सेना प्रमुख रूस रवाना
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अमेरिका की एक संघीय अदालत ने विद्यार्थियों के लिए तय की गई वीज़ा सीमा वाले नए नियम पर रोक लगा दी है। यह नियम पिछले महीने घोषित किया गया था और इसमें हर साल केवल 65,000 नए F‑1 वीज़ा जारी करने की अधिकतम सीमा तय की गई थी। न्यायाधीश ने कहा कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है और इससे लाखों अंतरराष्ट्रीय छात्र प्रभावित होंगे। अदालत ने यह भी नोट किया कि नियम बनाने की प्रक्रिया में जनसुनवाई नहीं की गई थी, जिससे प्रक्रियात्मक खामी सामने आई। सरकार ने इस फैसले को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है और संबंधित एजेंसियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे पुराने नियमों के अनुसार वीज़ा जारी करें। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह अदालत के आदेश का पालन करेगा और जल्द ही नए दिशानिर्देश जारी करेगा। उधर, भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ अगले सप्ताह रूस की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। यह यात्रा 18 से 22 सितंबर तक चलेगी और इसमें रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ उच्चस्तरीय बैठकें शामिल हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, संयुक्त अभ्यास और सैन्य तकनीक के आदान‑प्रदान पर चर्चा करना है। खासकर S‑400 मिसाइल प्रणाली के रखरखाव, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और साइबर सुरक्षा सहयोग पर बातचीत होगी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी इस यात्रा की पुष्टि की है और कहा है कि बैठकों में सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी बात होगी। दोनों पक्षों ने पिछले साल हुए संयुक्त अभ्यास 'इन्द्र' के अनुभवों को साझा करने का भी निर्णय लिया है। दोनों घटनाएं एक ही दिन सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और शिक्षा नीति में भारत की सक्रिय भूमिका स्पष्ट होती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी फैसले से भारतीय छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और रूस यात्रा से सामरिक साझेदारी और गहरी होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी फैसले से भारतीय छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जबकि रूस यात्रा से सामरिक साझेदारी और गहरी होगी। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वीज़ा सीमा हटने से हर साल लगभग 30,000 भारतीय छात्रों को अमेरिका में पढ़ाई का मौका मिलेगा। अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया तेज करेंगे। भारतीय दूतावास वाशिंगटन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने आवेदन जल्द से जल्द पूरा करें ताकि नए सत्र में कोई देरी न हो। रूस यात्रा के दौरान जनरल सेठ भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे ताकि स्वदेशी हथियार प्रणालियों के निर्यात की संभावनाएं तलाशी जा सकें। इससे पहले 2023 में भी जनरल सेठ ने मॉस्को का दौरा किया था, जब दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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