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अमेरिका ने कहा- फलस्तीन समर्थक छात्रों के वीजा नहीं कटेंगे; नाइजर में सैन्य तख्तापलट

29/8/2026, 11:50:14 pm
अमेरिका ने कहा- फलस्तीन समर्थक छात्रों के वीजा नहीं कटेंगे; नाइजर में सैन्य तख्तापलट
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अमेरिका ने शुक्रवार को साफ किया कि फलस्तीन के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विदेशी छात्रों के वीजा केवल इस आधार पर रद्द नहीं किए जाएंगे। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी अमेरिकी संविधान का मूल अधिकार है और किसी छात्र का वीजा महज उसके राजनीतिक विचारों या प्रदर्शन में भाग लेने के कारण रद्द नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीति उन मामलों पर लागू नहीं होती जहां हिंसा, आतंकवाद को समर्थन या वीजा शर्तों का उल्लंघन शामिल हो। पिछले हफ्तों में कई विश्वविद्यालयों में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों के बाद कुछ सांसदों ने ऐसे छात्रों के वीजा रद्द करने की मांग उठाई थी, जिससे सैकड़ों विदेशी छात्रों में आशंका फैल गई थी। नए स्पष्टीकरण से छात्र संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर, पश्चिम अफ्रीका के नाइजर में बुधवार रात सैनिकों ने तख्तापलट की घोषणा कर दी। राष्ट्रपति मोहम्मद बाजूम को राष्ट्रपति भवन में ही बंधक बना लिया गया। विद्रोही सैनिकों के प्रवक्ता कर्नल मेजर अमादू अब्द्रहमान ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर कहा कि संविधान निलंबित कर दिया गया है, सभी संस्थाएं भंग हैं और भूमि तथा हवाई सीमाएं तत्काल प्रभाव से बंद हैं। जनरल अब्दुरहमान तियानी को 'राष्ट्रीय संरक्षा परिषद' का अध्यक्ष घोषित किया गया है। क्षेत्रीय संगठन इकोवास ने आपात बैठक बुलाकर तख्तापलट की कड़ी निंदा की और संवैधानिक व्यवस्था बहाल न होने पर प्रतिबंधों की चेतावनी दी। फ्रांस, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने भी बाजूम की तत्काल रिहाई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने की मांग की है। नाइजर दुनिया का सातवां सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक है और यहां फ्रांस तथा अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं, इसलिए इस राजनीतिक अस्थिरता का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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