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वैभव सूर्यवंशी की टेस्ट तकनीक पर मोंटी पनेसर ने उठाए सवाल

20/9/2026, 3:00:06 am
वैभव सूर्यवंशी की टेस्ट तकनीक पर मोंटी पनेसर ने उठाए सवाल
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इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की टेस्ट क्रिकेट में तकनीक पर सवाल उठाए हैं। पनेसर ने कहा कि सूर्यवंशी ने टी20 में तेजी से रन बनाए हैं, लेकिन लंबे प्रारूप में उनकी बल्लेबाजी की बुनियाद कमजोर दिखती है। उन्होंने बताया कि सूर्यवंशी का फ्रंट फुट डिफेंस और ऑफ स्टंप के बाहर गेंद को छोड़ने का तरीका टेस्ट में खतरनाक साबित हो सकता है। पनेसर का मानना है कि युवा बल्लेबाज को अपने शॉट चयन में धैर्य लाना होगा। टेस्ट मैच में गेंदबाज लंबे समय तक एक ही लाइन और लेंथ पर गेंद डालते हैं, जिससे बल्लेबाज को तकनीकी सुधार करना पड़ता है। पनेसर ने सुझाव दिया कि सूर्यवंशी को नेट्स में अधिक समय बिताकर अपनी तकनीक मजबूत करनी चाहिए। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने सूर्यवंशी का समर्थन किया है। क्लार्क ने कहा कि हर युवा खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए और सूर्यवंशी की आक्रामक शैली टेस्ट में भी काम आ सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तकनीकी कमियों को कोचिंग से दूर किया जा सकता है। भारतीय चयनकर्ताओं ने अभी तक सूर्यवंशी को टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही है। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने कुछ बड़ी पारियां खेली हैं, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा बढ़ा है। पनेसर की टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी। कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी बात से सहमति जताई, जबकि कुछ ने कहा कि युवा बल्लेबाज को समय देना चाहिए। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि तकनीकी सुधार के साथ सूर्यवंशी टेस्ट में भी सफल हो सकते हैं। अगले महीने भारत ए टीम का इंग्लैंड दौरा है, जहां सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है। इस दौरे पर उनकी तकनीक का असली इम्तिहान होगा। कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ-साथ उनकी कमियों पर काम करना जरूरी है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी युवा प्रतिभाओं को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की है। बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर पर्याप्त मैच खेलने का अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव सह सकें। इस बीच, सूर्यवंशी के कोच ने बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी में तकनीकी बदलाव पर काम कर रहे हैं और आने वाले अभ्यास मैचों में इसका असर दिखेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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