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मुर्शिदाबाद में एजेयूपी सचिव हथियारों सहित गिरफ्तार, उपचुनाव से पहले पुलिस की कड़ी कार्रवाई

19/9/2026, 8:09:04 pm
मुर्शिदाबाद में एजेयूपी सचिव हथियारों सहित गिरफ्तार, उपचुनाव से पहले पुलिस की कड़ी कार्रवाई
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पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की तारीख नज़दीक आते ही मुर्शिदाबाद में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को एजेयूपी के सचिव मोहम्मद इक़बाल को एक पिस्तौल और कुछ कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहा था। उसके ख़िलाफ़ आर्म्स एक्ट और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। एजेयूपी (ऑल इंडिया जमीयत उलेमा-ए-पाकिस्तान) का नाम बंगाल की राजनीति में नया नहीं है; पिछले विधानसभा चुनाव में भी इसने कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इस बार भी पार्टी दो विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े कर रही है। गिरफ्तारी के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और मतदान केंद्रों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। चुनाव आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा या डराने‑धमकाने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से माहौल शांत हुआ है, हालांकि कुछ विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा बताया है। मामले की जांच जारी है और आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा; आगे की कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार होगी। उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं और इसमें मुर्शिदाबाद की दो विधानसभा सीटें शामिल हैं; पिछले चुनाव में यहां छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिसे देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि बरामद हथियार लाइसेंस रहित थे और आरोपी के पास कोई वैध अनुमति नहीं थी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी दल या व्यक्ति द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल के इशारे पर चुनिंदा नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे भयमुक्त होकर मतदान करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत दें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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