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डॉक्टर बढ़े, फिर भी इलाज का संकट गहराया: WHO रिपोर्ट

19/9/2026, 3:20:37 am
डॉक्टर बढ़े, फिर भी इलाज का संकट गहराया: WHO रिपोर्ट
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि पिछले दस वर्षों में दुनिया भर में पंजीकृत डॉक्टरों की संख्या लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी है। इस वृद्धि के बावजूद मरीज़ों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने में कठिनाई बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी वजह डॉक्टरों का असमान भौगोलिक वितरण है। उच्च आय वाले देशों में प्रति दस हज़ार आबादी पर 30 से अधिक डॉक्टर हैं, जबकि निम्न आय वाले देशों में यह आंकड़ा केवल 2 से 3 तक सिमटा हुआ है। इस अंतर को और गहरा करता है ब्रेन ड्रेन, यानी योग्य चिकित्सकों का विकसित अर्थव्यवस्थाओं की ओर बड़ी संख्या में पलायन। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र अक्सर डॉक्टर विहीन रहते हैं, जिससे मरीज़ों को शहरों की ओर लंबी यात्रा करनी पड़ती है। डब्ल्यूएचओ ने सुझाव दिया है कि चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय स्वास्थ्य ज़रूरतों के अनुरूप ढाला जाए और ग्रामीण सेवा को अनिवार्य बनाया जाए। संगठन टेलीमेडिसिन, मोबाइल क्लिनिक और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के विस्तार पर भी ज़ोर दे रहा है ताकि दूरदराज के मरीज़ों तक सेवाएं पहुंच सकें। भारत के लिए यह रिपोर्ट विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि यहां डॉक्टरों की कमी ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक महसूस होती है, जबकि शहरी अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकारों को नीतिगत कदम उठाकर डॉक्टरों को गांवों में रोके रखने, वेतन-भत्ते बेहतर करने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के साथ मिलकर प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने और विशेषज्ञ डॉक्टरों के वितरण को संतुलित करने की योजनाएं बनानी होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल संख्या बढ़ाना काफी नहीं है; सेवा की गुणवत्ता, उपकरणों की उपलब्धता और निरंतर प्रशिक्षण भी उतने ही अहम हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वित्तीय सहायता से निम्न आय वाले देश अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत कर सकते हैं, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुधरेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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